मानव जीवन में रत्नो का काफी महत्व हैं,और जीवन का इस पर असर पड़ता हैं,और इसके लिए यह जरुरी हैं कि आप सही रत्न धारण करें,और अपनी राशि के आधार पर ही रत्नो का चुनाव करें | वर्तमान समय में कुछ लोग रत्न को शौकिया तोर पर भी धारण करने लगे हैं,और स्थिति तो यहाँ तक हैं कि कई नकली रत्न जो बिल्कुल असली जैसे दिखाई देते हैं मार्किट में उपलब्ध हैं |
परन्तु आपकी राशि में अगर कोई रत्न हैं जो आपको पहनना हैं,तो आपको वो किसी जानकार की सहायता से ही प्राप्त करना चाहिए | यू हीं शौकिया तोर पर कोई भी रत्न धारण नहीं करना चाहिए,ये आपको नुक्सान पहुंचा सकते हैं |
कौन सा रत्न सही हैं :-
आपके लिए कौन सा रत्न सही हैं,और फायदेमंद रहेगा,इसका चुनाव आपकी जन्म कुंडली के अनुसार होता हैं | परन्तु कई बार स्वयं की राशि का रत्न धारण नहीं कर सकते | इसका कारण हैं - "सबसे पहले ये देखना होगा की राशी का स्वामी ग्रह कुंडली के कौन से स्थान पर हैं,उदय या अस्त मार्ग पर,हमारी कुंडली में उच्च या नीच राशी,मित्र या शत्रु राशी के अलावा और किस ग्रह के साथ बैठा हैं " इन सभी विचार के पश्चात् ही रत्न का चुनाव किया जाता हैं |
रत्न धारण करने के कारण :-
रत्न सभी कार्यो के लिए धारण किये जा सकते हैं | जैसे - उत्तम स्वस्थ,धन लाभ,अच्छे परिवार के लिए,उत्तम शिक्षा,सुख-साधन,भूमि-वाहन,उत्तम विवाह,सरकारी नौकरी,संतान,कार्य क्षेत्र में वृद्धि,भाग्योदय,परेशानियों से छुटकारा,व्यापार में बढ़ोत्तरी आदि सभी कारण के लिए रत्न धारण करना चाहिए |






