आजकल लोग या तो बहुत व्यस्त रहते हैं या तो बिलकुल ही खाली जिसके कारण दोनों ही तरह से वह विभिन्न कठिनाइयों का सामना करते हैं | सोचने वाली बात यह है की लोग एक दूसरे को आजकल इतना नज़रअंदाज़ क्यों करते हैं | इस बात का जवाब पहली लाइन में ही है | लोग या तो बहुत व्यस्त हैं या बहुत ही खाली जिसके कारण वह खुद ही विभिन्न मानसिक रोगो के शिकार होते चले जाते हैं | मानसिक रोगो का अर्थ यह नहीं है कि वह पागल होने लगते हैं इसका साफ़ सीधा अर्थ है कि वह किसी बात से बहुत परेशान हैं और इसलिए वह खुद का साथ ही सही समझते हैं |
मान लीजिए आप एक विद्यार्थी हैं और आप ही हमेशा अपने दोस्त को पहले मैसेज करते हैं और वो कभी पहले नहीं करता , तो एक वक़्त आएगा जब आप पहले मैसेज करना छोड़ देंगे और आप यह सोचना छोड़ देंगे कि आपके दोस्त के आपको मैसेज न करने के क्या कारण हैं और आप उनको नज़रअंदाज़ करना शुरू कर देंगे |
अब यही बाकि स्थितियों में भी होता है | आप अपने माता पिता के साथ खाना खाने बैठते है और आप जब भी बात करना चाहते हैं तो वह केवल आपको आपकी परीक्षा में आये कम नंबरों के कारण या तो डांटते है या हमेशा करियर कि बातें लेकर बैठ जाते हैं और एक वक़्त ऐसा आता है जब आप उनकी बातों को नज़रअंदाज़ करना सही समझने लगते हैं |
यदि कोई व्यक्ति आपको नजरअंदाज करना शुरू कर देता है तो इसका साफ़ सा कारण यह है कि कोई बात है जो उसे परेशान कर रही है | अगर आप जानना चाहते हैं कि वह आपको नज़रअंदाज़ क्यों कर रहा है तो उसके साथ बैठिये बात करिये और उसे समझने कि कोशिश करिये |
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Seema Thakur Media Trends Researcher
Updated on06/01/26
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