जगजीत सिंह जिनको गजलों की दुनिया का बेताज बादशाह कहा जाता है | आज भी उनकी ग़ज़ल उनके गीत मानो दिल को छू लेते हैं | पूरी दुनिया में उनके कई सारे कंसर्ट हुए | आज उनका जन्म दिन है, आज के दिन दुनिया को एक बेहतरीन गायक मिला | जिनके संगीत ने कई फिल्म में जान डाल दी | उनकी हर ग़ज़ल में उनका एक नया ही अंदाज़ है |
जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी, 1941 को बीकानेर में हुआ | उनके माता-पिता ने उन्हें जगजीवन सिंह नाम दिया | उनकी पढ़ाई सरकारी स्कूल और खालसा कॉलेज से पूरी हुई | जगजीत सिंह के के पिता चाहते थे जगजीत सिंह इंजीनियर बने परन्तु किस्मत को तो कुछ और ही मंजूर था |
जगजीत सिंह की ग़ज़लों में खुद से एक दर्द तब झलकने लगा जब उनके बेटे विवेक जो कि सिर्फ 18 साल के थे एक सड़क दुर्घटना में उनकी मौत हो गई | इसके कारण उनकी पत्नी चित्रा सिंह बहुत दुखी रहने लगी | जगजीत सिंह के लिए मानो सब कुछ खत्म हो गया, इसके बाद कुछ समय तक उन्होंने अपना गायन छोड़ दिया था | पर कहते हैं न वक़्त सारे ज़ख्म भर देता है, वैसा ही कुछ जगजीत सिंह के साथ हुआ |
10 अक्टूबर 2011 को जगजीत सिंह इस दुनिया को अलविदा कह कर इस दुनिया से चले गए और भारत ने एक बेहतरीन गायक को हमेशा के लिए खो दिया | पर जो दिल में बसे होते हैं, उनकी यादें हमेशा ज़िंदा होती है, वैसे ही जगजीत सिंह अपनी गायकी से आज भी सभी के दिलों में ज़िंदा हैं |
आइये उनके कुछ प्रसिद्द ग़ज़लों के बारें में आपको बताते हैं...
- तुमको देखा तो ये ख्याल आया :-
- तेरे आने की जब खबर महके :-
- घर से निकले थे हौसला कर के :-
- तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो :-
- चिट्ठी न कोई न सन्देश :-
- कोई फ़रियाद तेरे दिल में बड़ी हो जैसे :-
- तेरे बारें में जब सोचा नहीं था :-
- होश वालों को खबर क्या :-