P
Pravesh Chauhan· 6 years ago
Covering important news, trending stories, and global events with balanced insights and reliable information.

रेलवे प्रवासियों से 15- किराया वसूल कर क्या साबित करना चाहता है ?

0
957

Join this conversation

Sort By
Replying to the question above
Answered on05/06/20
क्रोना वायरस से देश तमाम आर्थिक परेशानियों का सामना कर ही रहा है जब दुनिया के तमाम देश वायरस की चपेट में बुरी तरह से फंसे हुए हैं और भारत भी दिनोंदिन वायरस के शिकंजे में आता ही जा रहा है इसमें कोई बड़ी बात नहीं है.

समस्या तब जाकर और ज्यादा गंभीर हो रही है जब दूसरे राज्यों में फंसे मजदूरों को अपने राज्य में लेकर आने के लिए तोलमोल में सरकारे लगी हुई है. मजदूरों के किराए को लेकर जमकर राजनीति हो रही है. जिस वजह से आम नागरिक इन राजनीतिक पार्टियों का खेल समझने में नाकाम हो रही है.क्या है पूरा मामला और कैसे इस मामले को चक्रव्यू में तब्दील कर दिया गया है.

दरअसल अप्रवासी मज़दूरों के किराए से जुड़ा दूसरा सर्कुलर 2 मई को रेल मंत्रालय ने जारी किया. इसमें टिकट बिक्री को लेकर एक पूरा पैरा लिखा है. सर्कुलर के मुताबिक -

जहां से भी ट्रेन चलना शुरू होगी, वहां पर मजदूरों की संख्या के हिसाब से रेलवे टिकट प्रिंट करवाएगी और वहां की राज्य सरकार को देगी. इसमें से 85% किराया रेलवे नहीं लेगा मात्र 15% किराया ही यात्रियों से वसूलेगा.


वहां की राज्य सरकार, मजदूरों को टिकट देगी, उनसे किराया लेगी और फिर रेलवे अधिकारियों को वो वसूला गया किराया सौंप देगी.

रेलवे के एक अन्य सर्कुलर में साफ़ तौर पर लिखा था कि टिकट में स्लिपर मेल एक्सप्रेस ट्रेन के मूल किराए के साथ-साथ 30 रुपए सुपरफास्ट चार्ज और 20 रुपए अतिरिक्त भी देना होगा.

रेलवे ने एक प्रेस रिलीज जारी करके इस बात की जानकारी सांझा की थी. मगर रेलवे पर सियासत तब जाकर आरंभ हुआ जब पता चला कि मजदूर से 15% किराया रेलवे बसुलेगा

गरीबों की सरकार कहने वाली बीजेपी अब बैकफुट पर आ चुकी है. सरकार ने बिल्कुल भी अपनी बुद्धि का उपयोग नहीं किया अगर उनको थोड़ा सा भी इस बात का ज्ञान होता कि जो मजदूर पहले से ही बाहर फंसे हुए हैं दिहाडी वाले हैं उनके पास कुछ पैसे होंगे भी तो उन्होंने पिछले डेढ़ महीने में अपने खाने पीने के लिए खर्च कर दिया होंगे. इस बात से सरकार को कोई लेना देना नहीं है अब यह नहीं समझ में आ रहा है कि 15% रुपया कमा कर सरकार कौन सा झंडा गाड़ना चाहती है इसका कुछ पता नहीं है.

मामला तब जाकर और ज्यादा उछाल में आया जब कांगरे सरकार ने इस पूरे मामले को समझते हुए मजदूरों का किराया खुद देने की बात कही क्योंकि कांगरे सरकार को पता था कि 15% किराया देने से उनका भी कुछ नहीं बिगड़ेगा वह जैसे तैसे करके मजदूरों के किराए का प्रबंध कर देगी.अपने आप को बैकफुट में आते देख बीजेपी सरकार हक्की बक्की रह गई.

एक बात यह समझ में नहीं आ रही कि आखिर 15% किराया मजदूर से वसूल कर रेलवे कितना कमा लेगा क्या उन मजदूरों से वसूल कर ही रेलवे पैसा कम आएगा रेलवे को इस समय में बढ़-चढ़कर ऐसे प्रवासियों की मदद करनी चाहिए थी ना की इसमें भी पैसा कमाने के बारे में सोचना चाहिए था.

मान लीजिए अगर सो रुपए की टिकट है उसमें से 85 रूपया रेलवे नहीं रह ले रहा है मात्र 15 रूपया ले रहा है.अब रेलवे आप ही बताइए कितना कमा लेंगे. एक तो पहले से वह मजदूर बाहर फंसे हुए हैं दूसरा उनके पास पेसा नहीं होगा मगर उसमे भी आप वसूलने की बात कर रहे हैं. 15 रूपये वसूल कर आप क्या करेंगे. जिस पैसे को पीएम केयर फंड में जमा करवाना था इससे अच्छा तो आप उसी पैसे का उपयोग इन मजदूरों को लेकर आने में कर लेते.


मगर 15% वाली बात भी तब जाकर गुत्थी हो जाती है जब तमाम खबरें आती हैं कि लोगों से पूरा पैसा वसूला जा रहा है यह सिर्फ दिखाने के लिए ही रेलवे ने एक प्रेस रिलीज जारी किया है.


बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक विशेष ट्रेन से गुजरात से झारखंड जाने वाले मज़दूरों से भी गुजरात सरकार ने 715 रुपए वसूले. 10 साल से गुजरात के सूरत में रहकर मज़दूरी कर रहे साहिब पंडित ने बताया कि उनके पास टिकट के लिए पैसे नहीं थे, तो गांव से पैसे मंगाकर टिकट खरीदना पड़ा. अन्य प्रवासी मज़दूर दिलिप कुमार ने भी बताया कि उन्होंने 715 रुपए में टिकट खरीदी.

वहीं कांग्रेस की गठबंधन सरकार वाले झारखंड में भी प्रवासी मज़दूरों से किराया वसूला गया और केरल से झारखंड आने वाले मज़दूरों ने बताया कि उन्हें 875 रुपये का भुगतान करना पड़ा.

इस रिपोर्ट से पता चलता है कि रेलवे यात्रियों से पूरा पूरा पैसा वसूल रहा है कह लीजिए कुछ ज्यादा ही वसूल रहा है. रेलवे ने खुद एक स्टेटमेंट जारी किया कि वह यात्रियों से 15% किराया ही वसूले गा और किराए का पैसा वह राज्य की सरकार से लेगा तो फिर कैसे पूरा पूरा पैसा वसूला जा रहा है अगर इस बात पर छानबीन हो तो बहुत बड़ा घोटाला सामने आने की उम्मीद है
P
View Profile
0