- समुंद्र मंथन अगर इसे अमृत प्राप्ति मंथन कहे तो गलत नहीं होगा। यह घटना उस समय की है जब दैत्यराज बलि ने तीनों लोगों पर राज का लिया था। तब सभी देवता भगवान विष्णु के पास पहुंचे तो भगवान विष्णु ने यह सुझाव दिया कि अगर तुम असुरों को अमृत का लालच दो तो वे तुम्हारे साथ समुंद्र मंथन में हिस्सा लेंगे। और हुआ भी कुछ ऐसा ही। असुरों व देवताओं के सहयोग से समुद्र मंथन हुआ और 14 रत्न समुद्र मंथन से प्राप्त हुए। जो थे हलाहल विष, घोड़ा, कोस्तुभ मणि, कामधेनु, देवी लक्ष्मी, अप्सरा रंभा, वारुणी देवी, चंद्रमा, एरावत ,पारिजात ,कल्पवृक्ष, पांचजन्य शंख, धन्वंतरी देव और अमृत।
K
| Updated on May 26, 2021 | astrology
समुद्र मंथन में क्या-क्या निकला?
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A
@arjunkumar7099 | Posted on May 26, 2021
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ग्रंथों के अनुसार माना जाता है कि समुंदर मंथन राक्षसों और देवताओं ने मिलकर संपन्न किया था। इस मंथन में 14 रतन निकल कर समुंदर में से बाहर आए। जो इस प्रकार हैं कालकूट विष, कामधेनु, उच्चैश्रवा घोड़ा, ऐरावत हाथी, कौस्तुभ मणि, रंभा अप्सरा, वारुणी देवी, देवी लक्ष्मी, चंद्रमा, पारिजात वृक्ष, पांचजन्य शंख, कल्पवृक्ष, भगवान धन्वंतरि व अमृत कलश। सभी रत्नों का अपना खास महत्व था, इन रत्नों को विभिन्न देवताओं ने ग्रहण किए व धारण किए।
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