पहली बात तलाक शब्द हिन्दी मे है हि नही और ना ही हिन्दू धर्म मे ये शब्द तो जब भारत मे मुगल आये तब आया क्योंकि मुस्लिम धर्म मे ये आम बात है तलाक देना।
फिर आये अग्रेंज जो इसे नियम बना दियेे आज भी हिन्दू धर््म मे ये नही माना जाता है।
हिन्दी मे तलाक विवाह विच्छेद या सम्बबन्ध विच्छेद। कहतेे हैै
| Updated on December 23, 2025 | education
तलाक को हिंदी में क्या कहते है?
@amitsingh4658 | Posted on December 23, 2025
तलाक शब्द का हिंदी में कोई मतलब नहीं होता है तलाक में शब्द होता है जो व्यक्ति जीवन भर के लिए निभाई गई रस्मे - कस्मे प्यार मोहब्बत सब कुछ धरा का धरा रह जाता है अर्थात जो पति अपनी पत्नी के साथ और पत्नी अपने पति के साथ सात जन्मों का वादा करता है उसे तलाक होने पर पल भर में भूल जाता है यानी कि व्यक्ति का संबंध विच्छेद या विवाह विच्छेद हो जाता है। तलाक शब्द का प्रयोग मुस्लिम धर्म में किया जाता है इस धर्म के लोग यदि तीन बार तलाक बोल देते हैं तो पति पत्नी हमेशा के लिए अलग हो जाते हैं। और तालाब को इंग्लिश में डाइवोर्स कहते हैं।
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सबसे प्रथम बात यह है कि यह तलाक हिंदी शब्द में इसका कोई भी मतलब नहीं है यह मुगल शासकों के लिए बनाया गया है इसे मगर संधि विच्छेद करने पर तलाक को हिंदी में विवाह विच्छेद बोला जा सकता है। तलाक एक ऐसा शब्द है जो मुस्लिम वर्ग के लिए है अगर ये अपनी पत्नी के सामने तीन बार तलाक तलाक, तलाक बोलते है तो वे हमेशा के लिए अलग हो जाते हैं फिर वे अपने पत्नी से कोई रिश्ते नाते नहीं रखते है.।
@setukushwaha4049 | Posted on November 26, 2022
तलाक को हिंदी मे विवाह विच्छेद कहते है, तलाक तब होता है ज़ब पति, पत्नी के लड़ाई झगडे हद से ज्यादा बढ़ने लगते है तो उनके तलाक की बात कोट तक आ जाती है। तलाक के लिए पति पत्नी को 6 महीने तक एक साथ रहने का मौका दिया जाता है यदि दोनों के बीच 6 महीने मे सब ठीक हो जाता है, तो कोर्ट तलाक की नोटिस को कैसिल करवा देता है। और वही 6 महीने के अंदर पति, पत्नी के बीच सब कुछ ठीक नहीं होता है, तो कोर्ट तलाक की नोटिस को स्वीकार करके दोनों का तलाक करवा देता है।

@meenakushwaha8364 | Posted on August 17, 2023
तलाक क़ो हिंदी मे विवाह विच्छेद कहते है,विवाहित जोड़े के बीच मे ज़ब लड़ाई, झगड़े होने लगते है या फिर लडके का किसी दूसरी औरत के साथ संबंध बन जाते है तो उसकी उसके पति से बिल्कुल नहीं पटती है और दोनों के बीच लड़ाई होने लगते है ऐसे मे लड़का ही कोर्ट मे पहुंच जाता है और वहाँ जाकर तलाक के कागजात तैयार करवा लेता है और अपनी पत्नी से कागजात मे सिग्नेचर करवा लेता है। लेकिन 6महीने तक फिर भी कोर्ट की तरफ से पति, पत्नी क़ो मौका दिया जाता है रिश्ते सुधारने के लिए 6महीने तक साथ रहकर यदि रिश्तो मे सुधार होता है तो ठीक है वरना कोर्ट पत्नी, पति के तलाक क़ो फाइनल कर देता है।