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| Updated on February 11, 2023 | others

IMF क्या है, जिसके पीछे पाकिस्तान पड़ा है ताकि अपने देश को कंगाली से उबर सके

1 Answers
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@setukushwaha4049 | Posted on February 11, 2023

क्या है IMF?

आईएमएफ संयुक्त राष्ट्र की एक प्रमुख वित्तीय एजेंसी है, इस लिहाज से इसकी हैसियत एक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय एजेंसी की है. इसका मुख्यालय वॉशिंगटन डीसी में है। इस संस्था की स्थापना की शुरुआत दूसरे विश्व युद्ध के अंतिम दिनों के दौरान 1944 में हो गई थी. तब अमेरिका में 'ब्रेटन वुड्स' नामक एक कॉन्फ्रेंस हुई थी, जिसमें 44 देश शामिल हुए थे, अमेरिका, सोवियत यूनियन और ब्रिटेन इनमें शामिल थे। सेकेंड वर्ल्ड वॉर के खत्म होने के कुछ दिनों बाद, 27 दिसंबर 1945 में 29 सदस्य देशों के साथ आईएमएफ औपचारिक तौर पर अस्तित्व में आ गया था. वर्तमान में इसके सदस्य देशों की संख्या 190 है,बुल्गारिया से ताल्लुक रखने वाली क्रिस्टलीना जॉर्जिवा 2019 से इसकी मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, वर्तमान में आईएमएफ के पास करीब एक ट्रिलियन डॉलर की रकम है, जिसका इस्तेमाल सदस्य देशों को कर्ज देने के लिए हो सकता है।

IMF क्यों देता है कर्ज?

इसकी स्थापना के वक्त एजेंसी का उद्देश्य वैश्विक अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने, विनिमय दर व्यवस्था को मजबूत बनाने और युद्ध प्रभावित यूरोपीय देशों की इकॉनमी को बूस्ट करने का था, अब भी इसके उद्देश्यों में ज्यादा फर्क नहीं आया। एक तरह से समझा जाए तो आईएमएफ अपने सदस्य देशों को सस्ती दरों पर कर्ज उपलब्ध कराता है,बेहद गरीब कैटेगरी वाले देशों को यह मुफ्त में कर्ज मुहैया कराता है,उद्देश्य यही होता है संबंधित देश आर्थिक संकट से उबर जाए क्योंकि वैश्विक अर्थव्यवस्था में सभी देशों की इकॉनमी गिनी जाती है।

कर्ज के लिए क्या शर्तें लगाता है IMF?

आईएमएफ कर्ज देता है लेकिन उसके लिए उसकी कुछ शर्तों का पालन देशों को करना होता है, आईएमएफ किसी देश की सरकार को किसी विशेष परियोजना के लिए कर्ज नहीं देता है,अर्थव्यवस्था के संकट से उबारने के लिए कर्ज जारी करते समय आईएमएफ जो शर्तें लगाता है उनमें संबंधित देश में सरकार की ओर से दिए जाने कर्जों में कमी करना, कॉरपोरेट टैक्स घटाना और विदेशी पूंजी निवेश के लिए देश की अर्थव्यवस्था को खोलना आदि प्रमुख रूप से शामिल हैं।

ऐसी ही एक शर्त का सामना पाकिस्तान कर रहा है, आईएमएफ ने उससे टैक्स कलेक्शन संबंधी शर्त रखी है, देशों को आर्थिक संकट से उबारने में सहायता करने के नजरिये से आईएमएफ कई स्तरों पर काम करता है, जिसमें यह देशों में स्थिरता लाने के लिए उन्हें नीतिगत सलाह भी प्रदान करता है इसी के साथ यह आर्थिक मामलों की ट्रैकिंग भी करता है।

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