इंडिया बनाम भारत विवाद की शुरुवात उस रात को हुई जब जी- 20 शिखर सम्मेलन के रात्रिभोज के निमंत्रण पत्र पर ' प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया' की बजाय ' प्रीसीडेंट ऑफ भारत ' लिखा गया। निमंत्रण पत्र के सामने आने के बाद विपक्ष ने आरोप लगाया के मोदी सरकार देश का नाम इंडिया शब्द के इस्तेमाल को बंद कर केवलभारतकहे जाने की योजना बना रही हैं। यह भी कहा जा रहा है कि संसद का विशेष सत्र भी इसलिए बुलाया जा रहा है और ताकि बैठक में यह तय हो जाए के इंडिया का नाम भारत कर दिया जाए।
सयुंक्त राष्ट्र संघने भी इस विवाद पर पर अपनी टिप्पणी दी है। संयुक्त राष्ट्र संघ ने तुर्की का उदाहरण देते हुए कहा कि - हाल ही में तुर्की के नाम को बदल कर तुर्किये किया गया था। बी जे पी सांसद हरनाम सिंह ने कहा - की पुरा देश मांग कर रहा है कि इंडिया का नाम बदलकर भारत रख दिया जाए। अंग्रेजो ने इंडिया शब्द को एक गाली के रूप मे लिया था और भारत शब्द हमारी संस्कृति का प्रतीक है। मै चाहता हूँ कि भारत का संविधान बदलना चाहिए और इसमे भारत नाम जोड़ना चाहिए। देश के संविधान के अनुच्छेद-1 मे ही देश के नाम का जिक्र है इसमे कहा गया है कि -"इंडिया जो की भारत है राज्यो का एक बड़ा संघ होगा।"
संविधान में यह एकलौता प्रावधान है। जिसमे बताया गया है कि देश को अधिकारिक तौर पर बुलाया जायेगा। इसी के आधार पर हिंदी में देश को"भारत गणराज्य " औरअंग्रेजी मे इसे" रिपब्लिक ऑफ इंडिया "कहा जाता है।
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