लिव इन रिलेशनशिप क्या होता है तो चलिए आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताते हैं।जब दो युवक और युवती शादी किए बिना स्वेच्छा से एक ही छत के नीचे पति-पत्नी की तरह रह रहें हो तो उस रिश्ते को लिव इन रिलेशनशिप कहते हैं।जिसमें लड़का और लड़की दोनों की परिवार की सहमति से उनकी शादी होती है। फिर वह लोग एक दूसरे के साथ रहते हैं। लेकिन लिव इन रिलेशनशिप में ऐसा कुछ नहीं होता है।पहले हमारे भारत देश में लिव इन को लीगल नहीं मानते थे।लिव इन रिलेशन में रहने वाले कपल वह सब कर सकते हैं। जो कि पति पत्नी करते हैं।मैरिड कपल और लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर मैं काफी अंतर होता है। लेकिन लिव इन रिलेशनशिप में कुछ ऐसा नहीं होता है।पहले हमारे भारत देश में लिव इन को लीगल नहीं मानते थे। पर अब भारत देश में भी लिव इन लीगल हो गया है। पर अभी भी कई लोग इसको सही नहीं मानते है।
लिव-इन रिलेशनशिप, जिसे अक्सर सहवास के रूप में जाना जाता है, एक प्रकार की व्यवस्था है जहां एक जोड़ा बिना शादी किए या कानूनी या धार्मिक समारोह के माध्यम से अपने रिश्ते को औपचारिक रूप दिए बिना घरेलू साझेदारी में एक साथ रहने का फैसला करता है। लिव-इन रिलेशनशिप में, एक जोड़ा आम तौर पर एक निवास साझा करता है और एक साथ रहता है जैसे कि वे शादीशुदा थे, लेकिन उनके पास विवाहित जोड़े की कानूनी या आधिकारिक स्थिति नहीं होती है। लिव-इन रिलेशनशिप की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं:
1.आवास साझा करना:
दंपति एक ही छत के नीचे एक साथ रहते
हैं, रहने का खर्च और घरेलू जिम्मेदारियाँ साझा करते हैं।
2.कोई कानूनी विवाह नहीं:
पारंपरिक विवाह के विपरीत, लिव-इन
रिलेशनशिप में कोई कानूनी अनुबंध या औपचारिक विवाह
समारोह शामिल नहीं होता है।
3.व्यक्तिगत स्वतंत्रता:
रिश्ते में प्रत्येक व्यक्ति अपनी कानूनी और
वित्तीय स्वतंत्रता बनाए रखता है। वे विवाह के साथ आने वाले
कानूनी दायित्वों और अधिकारों से बंधे नहीं हैं।
4.आपसी समझ:
युगल आम तौर पर अपनी आपसी समझ और
समझौते के आधार पर लिव-इन रिलेशनशिप में प्रवेश करते हैं। यह
व्यवस्था उन्हें अनुकूलता का परीक्षण करने और यह आकलन
करने की अनुमति देती है कि क्या वे भविष्य में अधिक औपचारिक
विवाह या दीर्घकालिक साझेदारी के लिए प्रतिबद्ध होना चाहते हैं।
5.कोई कानूनी अधिकार नहीं:
कई जगहों पर, लिव-इन पार्टनर्स के पास विवाहित जोड़ों के समान कानूनी अधिकार और सुरक्षा नहीं होती है, खासकर संपत्ति, विरासत और जीवनसाथी के समर्थन के मामले में।
दुनिया के कई हिस्सों में लिव-इन रिश्ते तेजी से आम हो गए हैं, क्योंकि वे व्यक्तियों को विवाह के कानूनी और सामाजिक निहितार्थों के बिना एक प्रतिबद्ध साझेदारी के पानी का परीक्षण करने की स्वतंत्रता प्रदान करते हैं। हालाँकि, लिव-इन रिश्तों की कानूनी स्थिति और सामाजिक स्वीकृति एक स्थान से दूसरे स्थान पर काफी भिन्न हो सकती है, इसलिए जोड़ों के लिए अपने अधिकार क्षेत्र में कानूनी निहितार्थों को समझना और रिश्ते में अपने इरादों और अपेक्षाओं के बारे में खुलकर संवाद करना आवश्यक है।

लीव इन रिलेशनशिप क्या है चलिए हम आपको बताते हैं। लाइव इन रिलेशनशिप उसे कहते हैं जहां पर दो लोग यानी कि लड़का और लड़की बिना शादी किया एक साथ एक कमरे में रहते हैं और पति-पत्नी की तरह शारीरिक संबंध बनाते हैं। तथा एक दूसरे के साथ खुशी-खुशी रहती है इसे ही लीव इन रिलेशनशिप कहते हैं। पहले यह रिवाज हमारे भारत देश में नहीं चलता था. लेकिन अब के लोग मॉडर्न कल्चर को अपना रहे हैं यानी की वेस्टर्न कल्चर को अपनाते जा रहे हैं। जो की बिल्कुल सही नहीं है। क्योंकि हमारे भारत देश में बिना शादी के लड़का लड़की एक साथ नहीं रहते हैं इसे कानून की नजर में गलत समझा जाता है। लेकिन अब हमारे भारत देश की सरकार ने भी लिव इन रिलेशनशिप के लिए मंजूरी दे दी है। इसलिए अब लड़का और लड़की एक साथ बिना शादी के रह सकते हैं।

लिव इन रिलेशनशिप क्या होता है तो चलिए आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताते हैं।जब दो युवक और युवती शादी किए बिना स्वेच्छा से एक ही छत के नीचे पति-पत्नी की तरह रह रहें हो तो उस रिश्ते को लिव इन रिलेशनशिप कहते हैं। लीव इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों का मानना यह है कि उनको एक दूसरे को जानने के लिए काफी समय लगता है। और लिव इन रिलेशनशिप में रहकर भी एक दूसरे को काफी हद तक समझ सकते हैं, लिव इन रिलेशन में रहने वाले कपल वह सब कर सकते हैं। जो कि पति पत्नी करते हैं। मैरिड कपल और लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर मैं काफी अंतर होता है। लेकिन लिव इन रिलेशनशिप में कुछ ऐसा नहीं होता है पहले हमारे भारत देश में लिव इन को लीगल नहीं मानते थे।
ज़ब दो प्रेमी जोड़े बिना शादी के लम्बे समय से एक ही छत के नीचे रह रहे होते है तो उसे लिव इन रिलेशिनशिप कहा जाता है। प्रेमी जोड़े बिना शादी के लिव इन रिलेशनशिप मे रहते है क्योकि उन्हें आपने ज़िन्दगी के बारे मे पता चल सके कि वह आगे शादी के बाद एक साथ एक छत के नीचे रहने के लायक है या नहीं है, क्योकि कई बार ऐसा होता है कि शादी से पहले प्रेमी जोड़े को एक -दूसरे को जानने, समझने का मौका नहीं मिल पाता है।
अब तो सुप्रीम कोर्ट ने भी लिव इन रिलेशनशिप के लिए मान्यता दे दी है,शादी के बिना प्रेमी जोड़े एक -दूसरे के साथ लिव इन रिलेशनशिप मे रहते है तो इसमें भारतीय क़ानून का कोई उल्लंघन नहीं होगा,बल्कि प्रेमी जोड़े लिव इन रिलेशनशिप मे लम्बे समय से रह रहे होते है तो एक तरह से शादी ही मानी जाएगी, इसमें कोई असुविधा वाली बात नहीं होंगी है, ज़ब प्रेमी जोड़े लिव इन रिलेशनशिप रहकर एक -दूसरे को अच्छे से समझ लेते है तो वह शादी कर सकते है।

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लिव इन रिलेशनशिप उस रिश्ते को कहते हैं जहां 2 लोग एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं और बिना शादी किए एक साथ एक ही छत के नीचे रहते हैं। लेकिन वह किसी तरह के शादी जैसे बंधन में नहीं होते हैं। हमारे देश में शादी को पवित्र बंधन माना जाता है जिसमें लड़का और लड़की दोनों की परिवार की सहमति से उनकी शादी होती है। फिर वह लोग एक दूसरे के साथ रहते हैं। लेकिन लिव इन रिलेशनशिप में ऐसा कुछ नहीं होता है।पहले हमारे भारत देश में लिव इन को लीगल नहीं मानते थे। पर अब भारत देश में भी लिव इन लीगल हो गया है। पर अभी भी कई लोग इसको सही नहीं मानते है।
आज के मॉडर्न जमाने में भारत के युवा अपने कल्चर को छोड़कर वेस्टर्न कंट्री के कल्चर को अपना रहे हैं। लिव इन रिलेशनशिप इसी का एक जीता जागता उदाहरण है,
लिव इन रिलेशनशिप का मतलब होता है, बिना शादी किए कपल्स का एक साथ रहना। जो भी दो लोग एक दूसरे से प्यार करते हैं वह लिव इन रिलेशनशिप के जरिए एक छत के नीचे एक साथ रह सकते हैं।

लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले लोगों का मानना यह है कि उनको एक दूसरे को जानने के लिए काफी समय लगता है। और लिव इन रिलेशनशिप में रह कर भी एक दूसरे को काफी हद तक समझ सकते हैं। लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल वह सब कर सकते हैं जो कि पति-पत्नी करते हैं। लेकिन मैरिड कपल और लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले पार्टनर में काफी अंतर होता है।
मैरिड कपल को अगर एक दूसरे से कोई परेशानी है और एक पार्टनर को दूसरे पार्टनर को छोड़ना हो, तो उसमें उनको डिवोर्स लेना पड़ता है। लेकिन लिव इन रिलेशनशिप में ऐसा नहीं है, वह कभी भी अपने पार्टनर को बिना डाइवोर्स दिए छोड़कर जा सकते हैं। लिव इन रिलेशनशिप में शादी की तरह कोई बंधन नहीं होता। लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले दोनों पार्टनर पूरी तरह से इंडिपेंडेंट होते हैं।

अगर लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले दो कपल्स आपस में सेक्स करते हैं। और दोनों की उम्र 18 साल से ज्यादा है, तो यह पूरी तरह से लीगल है सुप्रीम कोर्ट ने भी इसको लीगल घोषित कर रखा है।
लेकिन अगर लड़का लड़की में से किसी की भी उम्र 18 साल से कम है, तो फिर यह करना इलीगल होगा और पार्टनर पर कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।
ज़ब कोई लड़का और लड़की बिना शादी किये अपनी इच्छा के अनुसार एक -दूसरे के साथ पति -पत्नी की तरह एक ही रूम या एक ही छत के नीचे रिलेशन मे रहते है, उसे ही लिव इन रिलेशनशिप कहा जाता है। भारतीय समाज मे लिव इन रिलेशनशिप को नाजायज रिश्ता लोग मानते है, क्योंकि शादी करने से लड़का -लड़की पति, पत्नी का नाम मिलता है, और दो परिवार रिश्तो के बंधन मे बाधते है, क्योंकि विवाह की परम्परा समाज मे बहुत पहले से चलती आयी है, हमारे समाज मे विवाहित स्त्री और पुरषों को समाज मे अलग ही मान्यता दी जाती है।

लिव इन रिलेशनशिप एक पश्चिमी संस्कृति है जिसका पालन सभी तरह के लोग करते हैं और लिव इन रिलेशनशिप उनमें से एक है जिसमें एक पुरुष और महिला एक साथ रह सकते हैं और वे सभी काम कर सकते हैं जो एक शादी का जोड़ा करता है लेकिन यह बिना शादी के किया जा सकता है इनमें स्थायी आधार पर रोमांटिक या यौन संबंध शामिल हैं। आजकल कई युवा पीढ़ी के लोग इसका पालन करते हैं।
