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गीता पांडेय

head cook ( seven seas ) | पोस्ट किया | ज्योतिष


पंचाग क्या है और हमारे जीवन मे इसका क्या महत्व है ?


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Content Writer | पोस्ट किया


ज्योतिष विद्या मे पंचाग का अपना एक महत्व है | और मानव जीवन मे तो बहुत ही विशेष महत्व है | पंचाग इंसान की जन्म से लेकर उसके भविष्य तक का लेखा जोखा रखता है | कौन सा समय सही है कौन सा गलत ये पंचाग से ही पता चलता है | सामान्य भाषा मे पंचाग का अर्थ है कि "ज्योतिष के पांच आंग से मिलकर बनता है पंचाग " | 

जैसा कि नाम से ही पता चलता है पांच + अंग = पंचाग | ये पांच अंग कौन से है हम आपको बताते है | 
1 . तिथि 2 .वार  3 .नक्षत्र 4 .योग 5 .करण

इन पाँच अंगो के माध्यम से गृहों की चाल की गणित दर्शायी जाती है | पंचांग दिन को नामंकित करने की एक प्रणाली है। पंचांग के चक्र को खगोलीय तत्वों से जोड़ा जाता है। बारह मास का एक वर्ष और 7 दिन का एक सप्ताह रखने का प्रचलन विक्रम संवत से शुरू हुआ। महीने का हिसाब सूर्य व चंद्रमा की गति पर रखा जाता है। गणना के आधार पर हिन्दू पंचांग की तीन धाराएँ हैं- पहली चंद्र आधारित, दूसरी नक्षत्र आधारित और तीसरी सूर्य आधारित 

पंचांग के मुख्यत: तीन सिद्धान्त प्रयोग में लाये जाते है -

सूर्य सिद्धान्त – अपनी विशुद्धता के कारण सारे भारत में प्रयोग में लाया जाता है।
आर्य सिद्धान्त – त्रावणकोर, मलावार, कर्नाटक में माध्वों द्वारा, मद्रास के तमिल जनपदों में प्रयोग किया जाता है |
ब्राह्मसिद्धान्त – गुजरात एवं राजस्थान में प्रयोग किया जाता है।


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