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Updated on May 9, 2026news-current-topics

क्या हैं दरवाजा बंद अभियान और अमिताभ बच्चन क्यों शुरू करना चाहते हैं?

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Reporting what matters — with 12 years of ground-level journalism behind every s...
Answered on May 9, 2026

Darwaza Band Campaign भारत में स्वच्छता और खुले में शौच की समस्या को खत्म करने के उद्देश्य से शुरू किया गया एक बड़ा जागरूकता अभियान था। इस अभियान का मुख्य संदेश था कि सिर्फ घर में शौचालय बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका सही इस्तेमाल करना भी जरूरी है। “दरवाजा बंद” का मतलब था — शौच के लिए खुले में जाने के बजाय घर के टॉयलेट का उपयोग करना और उसका दरवाजा बंद करना।

इस अभियान को भारत सरकार के Swachh Bharat Mission से जोड़ा गया था। इसका उद्देश्य लोगों की सोच बदलना और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता को बढ़ावा देना था। कई जगहों पर लोग शौचालय बनने के बाद भी खुले में शौच करना जारी रखते थे, इसलिए लोगों को जागरूक करना जरूरी माना गया।

इसी कारण Amitabh Bachchan जैसे बड़े और सम्मानित अभिनेता को इस अभियान से जोड़ा गया। अमिताभ बच्चन भारत में बहुत लोकप्रिय हैं और अलग-अलग उम्र के लोग उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हैं। इसलिए सरकार और सामाजिक संगठनों को लगा कि अगर वह इस अभियान का चेहरा बनेंगे, तो लोगों तक संदेश ज्यादा तेजी से पहुंचेगा।

अमिताभ बच्चन ने टीवी विज्ञापनों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों से अपील की कि वे खुले में शौच बंद करें और शौचालय का इस्तेमाल करें। उनके विज्ञापन काफी चर्चित हुए क्योंकि उन्होंने इसे सरल और प्रभावशाली तरीके से समझाया।

इस अभियान का एक बड़ा उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से भी जुड़ा था। ग्रामीण इलाकों में कई महिलाओं को खुले में शौच के लिए दूर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। घर में शौचालय होने से उनकी सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ती हैं।

आज के समय में स्वच्छता और हाइजीन को पहले से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। कोविड के बाद लोगों में साफ-सफाई को लेकर जागरूकता और बढ़ी है। इसी वजह से “दरवाजा बंद” जैसे अभियान सामाजिक बदलाव के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

अगर आसान भाषा में कहें तो “दरवाजा बंद अभियान” लोगों को खुले में शौच छोड़कर घर के टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करने की पहल थी। Amitabh Bachchan इस अभियान से इसलिए जुड़े क्योंकि उनकी लोकप्रियता के जरिए स्वच्छता का संदेश देश के हर कोने तक पहुंचाना आसान हो सकता था।

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ABOUT THE AUTHORPari Deshmukh

Pari Deshmukh is a journalist with over 12 years of experience covering current affairs across print and digital media in India. She holds a Master's degree in Journalism and Mass Communication from Pune University, bringing both academic grounding and extensive field experience to her reporting. Over her career, Pari has reported on national politics, policy developments, social issues, and breaking news events across India. Her work has appeared on platforms including The Print, Scroll.in, and Hindustan Times Digital, where she has built a reputation for factual, balanced, and timely reporting on stories that shape public discourse. With 12+ years in the field, she has covered major national events, conducted ground-level investigations, and interviewed policymakers, civil society leaders, and public figures. Her journalism is driven by one standard — verified facts reported without distortion, regardless of the pressure or pace of the news cycle. She has participated in press panels at the Ramnath Goenka Excellence in Journalism Awards and is a member of the Press Club of India. Her reporting continues to serve readers who need current affairs coverage they can trust.

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Answered on Dec 20, 2023

पहले के जमाने में लोग खुले में शौच करते थे। जिससे उन्हे कई बीमारियों का सामना करना पड़ता था। क्योकि पहले शौचालयों की महत्ता को कोई नही समझता था। पीढी दर पीढी यही चलता रहा। लेकिन30 मई 2017को एक अभियान चलाया गया जिसका नामदरवाजा बंद अभियानरखा गया। इस अभियान का उद्देश्य देश भर में शौचालयों के लिए सभी को जागरूक करना था और खुले में शौच को बढ़ावा देने वालो को समझाना था कि खुले में शौच कितना हानिकारक है हमारे और दुसरो के स्वास्थ के लिए।

दरवाजा बंदअभियानको विश्व बैंक ने भी समर्थित किया था। इस अभियान के जरिये उन पुरुषो को भी समझाना था जिनके पास शौचालय है लेकिन फिर भी वह उनका उपयोग नही करते है।

अभिनेता अमिताब बच्चनभी इस अभियान से जुड़े। और इसे प्रोत्साहित किया था। वह इस अभियान से जुड़ कर खुश थे। उनका कहना था कि - दरवाजा बंद तोबीमारी बंद।

इस अभियान से अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी जुड़ी थी। अनुष्का शर्मा महिलाओ की और से खड़ी हुई थी। जिससे महिलाओ में भी जागरुकता आये और वह खुले मे शौच को ना कहे और इस गंभीर समस्या को समझे।

दरवाजा बंद अभियान महिलाओ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भी जोर पर रहा।

गाँव के लोग शौचालयों का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करे और उसके फायदो को समझे इसके लिए कई जागरुकता विज्ञापन किये गए। और लोगो को शौचालयों की महत्ता को समझाया।

महिलाओ और बेटियों की सुरक्षा, बिमारियो से छुटकरा, स्वच्छ वातावरण इस तरह के विज्ञापन जगह जगह छापे गए और जागरुकता को बढावा दिया गया।

नाट्कीय प्रदर्शन करकेदरवाजा बंद अभियानको प्रोत्साहित किया गया और लोगो को समझाया गया कि यह उनके और उनके स्वास्थ्य के लिए कितना आवश्यक है।

यह अभियान स्वच्छ भारत अभियान का ही एक हिस्सा था। जिसके जरिये ग्रामीणो में शौचालयों का निर्माण तेजी से हुआ और जागरूकता बढ़ी। Article image

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Updated on Dec 26, 2017

स्वच्छ भारत अभियान और शौचालयों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन 30 मई से मुंबई में 'दरवाज़ा बंद' अभियान शुरू कर रहे हैं। केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन के तहत यह अभियान लांच किया जा रहा है। इसमें बॉलीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा भी शामिल होंगी |

यह गांवों में शौचालयों के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है। इस मौके पर उन लोगों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे जिन्होंने स्वच्छता अभियान को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस अभियान को वर्ल्ड बैंक के सहयोग से शुरू किया जा रहा है।

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