Darwaza Band Campaign भारत में स्वच्छता और खुले में शौच की समस्या को खत्म करने के उद्देश्य से शुरू किया गया एक बड़ा जागरूकता अभियान था। इस अभियान का मुख्य संदेश था कि सिर्फ घर में शौचालय बनाना ही काफी नहीं है, बल्कि उसका सही इस्तेमाल करना भी जरूरी है। “दरवाजा बंद” का मतलब था — शौच के लिए खुले में जाने के बजाय घर के टॉयलेट का उपयोग करना और उसका दरवाजा बंद करना।
इस अभियान को भारत सरकार के Swachh Bharat Mission से जोड़ा गया था। इसका उद्देश्य लोगों की सोच बदलना और ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता को बढ़ावा देना था। कई जगहों पर लोग शौचालय बनने के बाद भी खुले में शौच करना जारी रखते थे, इसलिए लोगों को जागरूक करना जरूरी माना गया।
इसी कारण Amitabh Bachchan जैसे बड़े और सम्मानित अभिनेता को इस अभियान से जोड़ा गया। अमिताभ बच्चन भारत में बहुत लोकप्रिय हैं और अलग-अलग उम्र के लोग उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हैं। इसलिए सरकार और सामाजिक संगठनों को लगा कि अगर वह इस अभियान का चेहरा बनेंगे, तो लोगों तक संदेश ज्यादा तेजी से पहुंचेगा।
अमिताभ बच्चन ने टीवी विज्ञापनों, सोशल मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए लोगों से अपील की कि वे खुले में शौच बंद करें और शौचालय का इस्तेमाल करें। उनके विज्ञापन काफी चर्चित हुए क्योंकि उन्होंने इसे सरल और प्रभावशाली तरीके से समझाया।
इस अभियान का एक बड़ा उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान से भी जुड़ा था। ग्रामीण इलाकों में कई महिलाओं को खुले में शौच के लिए दूर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ता था। घर में शौचालय होने से उनकी सुरक्षा और सुविधा दोनों बढ़ती हैं।
आज के समय में स्वच्छता और हाइजीन को पहले से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। कोविड के बाद लोगों में साफ-सफाई को लेकर जागरूकता और बढ़ी है। इसी वजह से “दरवाजा बंद” जैसे अभियान सामाजिक बदलाव के लिए काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
अगर आसान भाषा में कहें तो “दरवाजा बंद अभियान” लोगों को खुले में शौच छोड़कर घर के टॉयलेट इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करने की पहल थी। Amitabh Bachchan इस अभियान से इसलिए जुड़े क्योंकि उनकी लोकप्रियता के जरिए स्वच्छता का संदेश देश के हर कोने तक पहुंचाना आसान हो सकता था।