जी-20 के पहले सत्र 'वन अर्थ' में, दुनिया के 20 सबसे बड़े अर्थव्यवस्था वाले देशों के नेताओं ने जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, और वैश्विक स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चर्चा की।
जलवायु परिवर्तन पर, नेताओं ने 2050 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन हासिल करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश और ऊर्जा दक्षता में सुधार पर भी ध्यान केंद्रित किया।
सतत विकास पर, नेताओं ने गरीबी उन्मूलन, भूख से मुक्ति, और स्वच्छ पानी और स्वच्छता तक पहुंच जैसे लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने कृषि और खाद्य सुरक्षा में निवेश पर भी ध्यान केंद्रित किया।
वैश्विक स्वास्थ्य पर, नेताओं ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए वैश्विक सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने भविष्य के स्वास्थ्य संकटों के लिए तैयारी पर भी चर्चा की।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्र की अध्यक्षता की और नेताओं से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि "हम सभी एक ही ग्रह साझा करते हैं, और हमें एक ही भविष्य बनाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।"
सत्र के परिणामस्वरूप, नेताओं ने एक "वन अर्थ" घोषणापत्र जारी किया, जिसमें उन्होंने इन मुद्दों पर अपनी प्रतिबद्धताओं को दोहराया।


