इश्क़ के इज़हार के लिए कौन सी शायरी बनी है ? - letsdiskuss
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Aayushi Sharma

Content Coordinator | पोस्ट किया |


इश्क़ के इज़हार के लिए कौन सी शायरी बनी है ?


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Content writer | पोस्ट किया


कहते है न इस प्यार के मौसम में अगर दिल की बात का इज़हार एक अलग अंदाज़ में किया जाये तो वो बात सीधा दिल तक जाती है | इसलिए आज हम आपको उन शायरियों के बारें में बताएँगे जिससे आप भी अपने दिल की बात का इज़हार कर सकें|



Letsdiskuss

(courtesy - Nigeria today politics live )



1- रोज़ ये दिल बेकरार होता है, 
काश के तुम समझ सकते की
चुप रहने वालो को भी किसी से प्यार होता है | - मिर्ज़ा ग़ालिब


2- अदा-ए-ख़ास से ‘ग़ालिब’ हुआ है नुक्ता-सरा
सला-ए-आम है यारान-ए-नुक्ता-दाँ के लिए
इस नज़ाकत का बुरा हो वो भले हैं तो क्या
हाथ आवें तो उन्हें हाथ लगाए न बने
इस सादगी पे कौन न मर जाए ऐ ख़ुदा
लड़ते हैं और हाथ में तलवार भी नहीं
कुछ तो पढ़िए कि लोग कहते हैं
आज ‘ग़ालिब’ ग़ज़ल-सरा न हुआ | - मिर्ज़ा ग़ालिब


3- आपकी याद आती रही रात भर
चांदनी दिल दुखती रही रात भर | - फैज़ अहमद फैज़


(courtesy -French Today )

4- उठ कर तो आ गए है तेरी बज़्म से मगर
कुछ दिल ही जानता है किस दिल से आएं है | - फैज़ अहमद फैज़


5- किसी की जिंदगी सिर्फ दो वजह से बदलती है,
एक कोई बहुत खास इंसान उसकी जिंदगी में
या कोई बहुत खास इंसान उसकी जिंदगी से चला जाये। - अपरिचित


6- अपनी रुस्वाई तिरे नाम का चर्चा देखूँ
इक ज़रा शेर कहूँ और मैं क्या क्या देखूँ - परवीन शाकिर


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