भारत के कौन से राज्य के गांव के घरो में भी कोबरा सांप होते है?
आपको यह बात जानकर हैरानी होगी कि भारत का एक ऐसा राज्य है जहां के गांव के घरों में कोबरा सांप को रखा जाता है आज हम आपको यहां पर इसकी जानकारी देंगे। दोस्तों भारत के महाराष्ट्र के सोलापुर जिले में सेतपाल नाम से बसा हुआ गांव। जहां पर हर घरों में कोबरा देखने को मिलेगा आपको इस गांव में हजारों की संख्या में कोबरा देखने को मिल जाएंगे और सबसे खास बात यह है कि यह कोबरा किसी को भी काटते नहीं है इसके अलावा यहां पर कोबरा की पूजा भी की जाती है।
भारत में राजस्थान का जोधपुर जिला अपने एक विशेष गांव के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है, जहाँ कोबरा सांप इंसानों के साथ एक ही छत के नीचे रहते हैं।
शेखाला (Shekhala) और चाडी गांव
जोधपुर के पास स्थित शेखाला और चाडी जैसे गांवों में कोबरा सांपों को परिवार के सदस्य की तरह माना जाता है। यहाँ सांपों और इंसानों के बीच एक अनोखा संबंध देखने को मिलता है:
- घरों में वास: यहाँ के ग्रामीण अपने घरों में कोबरा के लिए विशेष स्थान छोड़ते हैं। सांप अक्सर कमरों, रसोई या अनाज के बर्तनों के पास खुले घूमते देखे जाते हैं।
- धार्मिक आस्था: इन गांवों के लोग कोबरा को "लोक देवता तेजाजी" का रूप मानते हैं। उनकी मान्यता है कि ये सांप उन्हें नुकसान नहीं पहुँचाते, बल्कि घर की रक्षा करते हैं।
- अहिंसक व्यवहार: स्थानीय लोगों का दावा है कि आज तक यहाँ किसी भी सांप ने किसी ग्रामीण को नहीं काटा है। बच्चे भी इन जहरीले सांपों के साथ बिना किसी डर के खेलते हुए मिल जाएंगे।
अन्य प्रमुख स्थान जहाँ सांपों का बसेरा है:
- शेतपाल (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र के सोलापुर जिले का यह गांव भी सांपों के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ हर घर में सांपों के रहने के लिए छत में एक कोना (जिसे 'देवस्थान' कहते हैं) खाली रखा जाता है।
- मन्नारशाला (केरल): केरल में सांपों की पूजा की गहरी जड़ें हैं। यहाँ के कई पुराने घरों (जिन्हें 'तरवाड़' कहते हैं) के पास अपना एक छोटा जंगल जैसा हिस्सा होता है जिसे 'सर्पकावू' कहा जाता है, जहाँ कोबरा और अन्य सांप प्राकृतिक रूप से रहते हैं।
इन गांवों में सांपों को मारना या उन्हें नुकसान पहुँचाना एक बड़ा पाप माना जाता है, जिसके कारण इन जहरीले जीवों और इंसानों के बीच एक अकल्पनीय संतुलन बना हुआ है।