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Mar 11, 2026education

शांति निकेतन की स्थापना किसने की ?

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Sep 19, 2023

22 दिसम्बर 1901में बांग्ला के मशहूर कवि और विचारकरविंद्रनाथ टैगोरजी ने शांति निकेतन की स्थापना की थी। अपने अलग अंदाज, शांति और अपूर्व शिक्षा पद्धति को लेकर शांति निकेतन की अपनी पहचान है। आज शांति निकेतन का नाम विश्वभारती है। जहाँ लगभग6000 विधार्थी पढ़ते है। शांति निकेतन कोलकतासे 180 किलो मीटर उत्तर की ओर पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में स्थित है। रविंद्रनाथ टैगोर के पिता महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने सन् 1863 मे 7 एकड़ की जमीन पर एक आश्रम की स्थापना की थी, वही आज विश्वभारती है। यहाँ भारत की पुरानी आश्रम शिक्षा पद्धति लागू है, जिसके अनुसार पेड़ के नीचे जमीन पर बैठाकर पढ़ाई होती है। शांति निकेतन का अर्थ होता है :- शांति से भरा हुआ घर। शांति निकेतन सिर्फ पढ़ाई के लिए ही न बल्कि अपनी कला अभिव्यक्ति के लिए भी मशहूर है। रविंद्रनाथ टैगोर को प्रकृति का सानिध्य बहुत पसंद था उनका मनाना था कि छात्रों को प्राकृति के सानिध्य मे शिक्षा हासिल करना चाहिए। अपनी इसी सोच को ध्यान मे रखते हुए उन्होंने शांति निकेतन की स्थापना की थी। Letsdiskuss

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Sep 20, 2023

इस चर्चा करते हैं कि शांतिनिकेतन की स्थापना किसने की और कब की, दोस्तों आप सभी ने मशहूर कवि और विचारक रविंद्र नाथ टैगोर जी ने शांति निकेतन की नींव रखी थी यानी कि शांतिनिकेतन का निर्माण रविंद्र नाथ टैगोर जी के द्वारा किया गया था शांतिनिकेतन का निर्माण सन 1901 में बांग्ला के कवि रवींद्र नाथ टैगोर के द्वारा किया गया था, इन्होंने जब इस विश्वविद्यालय की शुरुआत की थी तब यहां पर केवल पांच स्टूडेंट को लेकर शिक्षा की शुरुआत की गई थी और आगे चलकर सन 1921 में यह शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय बन गया,और फिर इस विश्व विद्यालय शांतिनिकेतन का नाम बदलकर विश्व भारती रख दिया गया,जहां वर्तमान समय में 6000 से भी अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं यह जगह कोलकाता से 180km उत्तर की ओर पश्चिम बंगाल के वीर भूमि जिले में स्थित है,यह सांतिनिकेतन विश्व की सभी विद्यालयों से अनोखा और अलग है।

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Mar 11, 2026

शांति निकेतन (Shantiniketan) की स्थापना महान भारतीय कवि, दार्शनिक और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा की गई थी। पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में स्थित यह स्थान आज विश्व स्तर पर शिक्षा और कला के एक प्रमुख केंद्र के रूप में जाना जाता है।

शांति निकेतन की स्थापना का इतिहास और उद्देश्य:

  • प्रारंभिक शुरुआत: वास्तव में, इस स्थान की नींव रवींद्रनाथ टैगोर के पिता महर्षि देवेंद्रनाथ टैगोर ने 1863 में रखी थी। उन्होंने यहाँ एक आश्रम और ध्यान केंद्र बनाया था जिसे 'शांति का निवास' (शांति निकेतन) कहा गया।
  • विद्यालय की स्थापना: रवींद्रनाथ टैगोर ने साल 1901 में यहाँ केवल पांच छात्रों के साथ एक छोटे से विद्यालय की शुरुआत की, जिसे 'ब्रह्मचर्य आश्रम' कहा जाता था। उनका मानना था कि शिक्षा चारदीवारी के भीतर नहीं, बल्कि प्रकृति की गोद में खुले आसमान के नीचे होनी चाहिए।
  • विश्व-भारती विश्वविद्यालय: समय के साथ यह छोटा सा विद्यालय विकसित हुआ और 1921 में इसे 'विश्व-भारती विश्वविद्यालय' का रूप दिया गया। टैगोर का उद्देश्य एक ऐसी जगह बनाना था जहाँ पूर्वी और पश्चिमी संस्कृतियों का मिलन हो सके।
  • सांस्कृतिक महत्व: यहाँ कला, संगीत और साहित्य को विशेष महत्व दिया जाता है। वर्ष 2023 में यूनेस्को (UNESCO) ने शांति निकेतन को 'विश्व धरोहर स्थल' (World Heritage Site) के रूप में मान्यता दी है।

निष्कर्ष: शांति निकेतन केवल एक संस्थान नहीं है, बल्कि यह रवींद्रनाथ टैगोर के मानवीय और शैक्षिक आदर्शों का प्रतीक है, जो आज भी पूरी दुनिया को प्रेरित करता है।

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