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Updated on Mar 9, 2026education

REM व्हीलर कौन थे? पुरातत्व में उनके मुख्य योगदान क्या हैं?

React
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Updated on Feb 27, 2021

R.E.M व्हीलर ASI के महानिदेशक थे। जॉन मार्शल के विपरीत, उन्होंने वर्दी की क्षैतिज रेखाओं के साथ यांत्रिक रूप से खुदाई करने के बजाय टीले के समांतर पथ का अनुसरण करने की आवश्यकता को पहचान लिया, साथ ही वह एक पूर्व-सेना ब्रिगेडियर होने के नाते उनके साथ पुरातत्व के काम में एक सैन्य परिशुद्धता लाया।

 

REM व्हीलर कौन था? पुरातत्व के क्षेत्र में उनके योगदान में से किसी एक का उल्लेख करें?

 

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Awni rai
Answered on Feb 27, 2021
आर.ई.एम. व्हीलर मुख्य रूप से एक ब्रिटिश पुरातत्वविद् थे। वह 1944-48 तक भारतीय पुरातत्व के डीरेक्टर जनरल थे। उन्होंने हड़प्पा की खुदाई के लिए बहुत कुछ किया। उनके मुख्य योगदान में पुरातत्व और कार्टेशियन समन्वय प्रणाली में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग शामिल है।
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Answered on Mar 9, 2026

मोर्टिमर व्हीलर (Sir Robert Eric Mortimer Wheeler) एक प्रसिद्ध ब्रिटिश पुरातत्वविद् (Archaeologist) थे, जिन्होंने भारतीय पुरातत्व के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन लाए। उन्हें 1944 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) का महानिदेशक नियुक्त किया गया था।

पुरातत्व में उनके मुख्य योगदान:

  • स्तरीकरण की पद्धति (Stratigraphy): व्हीलर ने भारत में खुदाई के लिए 'स्तरीकरण' की वैज्ञानिक तकनीक पेश की। इससे पहले टीलों की खुदाई क्षैतिज (Horizontal) रूप से की जाती थी, लेकिन व्हीलर ने ऊर्ध्वाधर (Vertical) खुदाई पर जोर दिया, जिससे सभ्यताओं के कालक्रम (Timeline) को समझना आसान हो गया।
  • हड़प्पा और मोहनजोदड़ो का अध्ययन: उन्होंने सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों, विशेष रूप से हड़प्पा और मोहनजोदड़ो की किलेबंदी (Fortification) की खोज की और 'आर्य आक्रमण' का सिद्धांत दिया (हालांकि बाद में इसे चुनौती दी गई)।
  • अरिकमेडु की खोज: दक्षिण भारत में रोमन व्यापारिक संबंधों को उजागर करने के लिए उन्होंने अरिकमेडु (पुडुचेरी) में महत्वपूर्ण खुदाई की।
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