पांडव वंश के अंतिम राजा जनमेजय पांडव थे।
पांडव वंश के पहले राजा परीक्षित हुआ करते थे,लेकिन एक दिन राजा परीक्षित शिकार मे निकले तो उनको साँपो ने डसने कोशिश की लेकिन उनको कोई सांप नहीं डस पाया, राजा परीक्षित अपने आपको बचाने के लिए ऐसी जगह अपना घर बनवाया जहाँ कोई ना पहुंच पाए राजा परीक्षित को किसी ऋषि ने श्राप दिया था कि तेरी मौत संप डसने होंगी लेकिन उनकी बातो वह झूठ समझते थे, लेकिन राजा परीक्षित के घर कोई ब्राह्मण के भेस मे आये थे और वह ब्राम्हण राजा को फूल दिया जिस मे से सांप निकला और राजा परीक्षित को डस लिया। राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद पांडव वंश के अंतिम राजा जनमेजय पांडव को बनाया गया।







