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Trishna .

Updated on May 29, 2021news-current-topics

योग गुरु रामदेव पर क्यों भड़के एलोपैथी चिकित्सक और बाबा रामदेव ने क्यों कहा -उनका बाप भी मुझे गिरफ्तार नहीं कर सकता- ?

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Social Buzz Reporter
Answered on May 29, 2021
  1. भारत में अपने योग व पतंजलि उत्पादक पदार्थों के कारण मशहूर बाबा रामदेव आजकल एलोपैथिक विवाद में घिरे नजर आ रहे हैं। उन्होंने एलोपैथिक पद्धति को लेकर एक ऐसा बयान दे दिया जिस कारण देशभर के डॉक्टर से लेकर विपक्षी पार्टी के नेता भी उनके इस अपमानजनक बयान पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। बाबा रामदेव अपने बयान में कहते हैं कि एलोपैथी एक बकवास व स्टुपिड साइंस है। डॉक्टरो द्वारा दी जाने वाली एलोपैथिक दवाई फेल है।

    इसके साथ ही बाबा रामदेव कहते हैं की लाखों लोगों की मौत का कारण यह एलोपैथी दवाई है। ऑक्सीजन होने के बाद भी लोग एलोपैथी दवाई खाने की वजह से मरे हैं।

    परंतु बाबा रामदेव के दिए हुए इस बयान के बाद एम्स के डॉक्टर बाबा रामदेव के खिलाफ हाथो में बैनर लिए सड़कों पर उतर आए हैं। उनका मानना है कि बाबा रामदेव पिछले 20 साल से देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने गुमराह करके करोड़ों कमाए हैं। परंतु हम कड़ी मेहनत करके डॉक्टर बने हैं। इस कोरोना काल में हमने लगभग 1209 डॉक्टरों को खोया हैं।

    इस प्रकार इस मामले के जोर पकड़ने पर भारतीय मेडिकल एसोसिएशन (IMA) रामदेव के विरोध में आ गई। और आईएमए के महासचिव डॉ जयेश लेले ने रामदेव के खिलाफ दिल्ली के आईपी स्टेशन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन पर यह आरोप लगाया गया है कि वह कोरोना वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में भ्रम पैदा कर रहे हैं।

    हद तो तब हो गई जब बाबा रामदेव ने एक भड़काऊ बयान देते हुए यह कह दिया कि ( अरेस्ट तो किसी का बाप भी नहीं कर सकता)। इस बयान पर विपक्षी पार्टी टीएमसी की एक नेता महुआ मोइत्रा ने ट्वीट कर रामदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि (अरेस्ट तो किसी का बाप भी नहीं कर सकता, सच्ची तो कह दिया रामकृष्ण यादव, भाई व बाप तो अपोजिशन को अरेस्ट करने में लगे हैं।)

    रामदेव के इस भड़काऊ बयान पर आईएमए ने प्रधानमंत्री को खत लिखकर यह बताया कि रामदेव सरकार के प्रोटोकॉल व टीकाकरण के कार्य पर बाधक बन रहे हैं। वह लोगों को इसके खिलाफ भड़का रहे हैं। तो इस परिस्थिति में रामदेव राजद्रोही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके साथ ही आईएमए के द्वारा बाबा रामदेव को एक मानहानि का नोटिस जारी किया गया है। जिसमें ( 15 दिनों के अंदर माफीनामे का वीडियो व लिखित क्षमा पत्र देने को कहा गया है। और यदि बाबा रामदेव ऐसा नहीं करते तो उनसे 1000 करोड़ रूपयो की मांग की जाएगी। इसके साथ ही 72 घंटों के अंदर करोनिल कीट पर भड़काऊ विज्ञापन को सभी स्थानों से हटाने को भी कहा गया है)। वही दूसरी ओर देश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा कि रामदेव का डॉक्टर पर यह बेवजह बयान है। उन्हें तत्काल डॉक्टर्स से माफी मांगनी चाहिए।Article image


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