रूस की स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस ने 11 अगस्त को जब लूना-25 को लॉन्च किया गया कि उसका सपना था कि वह 10 दिन में मून पर पहुँचे। लेकिन उनका सपना 9वें दिन टूट गया, जब 20 अगस्त को लूना-25 चांद पर पहुँचने से पहले ही क्रैश हो गया। रूस क़ो इस बात का झटका लगा है, कि भारत चंद्रयान-3 यानि मून पर 23 अगस्त को पहुँच चूका है।
दरअसल रोस्कोस्मोस प्रमुख यूरी बोरिसोफ़ का कहना है कि ''लूना-25 को लैंडिंग से पहले की कक्षा यानि मून में स्थापित करने वाला इंजन तय समय 84 सेकंड की वजह 127 सेकंड तक काम करता रहा है जिसके कारण रूस का मिशन नाकाम हो गया।

