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Apr 15, 2022astrology

हनुमान जयंती क्यों मनाई जाती है

3 Answers
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@panditayush4171Apr 15, 2022

हनुमान जी, जिनको लोग हमेशा मुश्किल में याद करते हैं| “सब सुख लहै तुम्हारी सरना । तुम रक्षक काहू को डरना” जिनका नाम लेने से ही सारा डर ख़तम हो जाता है| हर साल इस दिन को हनुमान जी के जन्म दिवस के रूप में मनाया जाता है|

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(इमेज -गूगल)

परन्तु इस साल कोरोना वायरस की वजह से देशभर में लॉकडाउन है, सभी मंदिर बंद है, इसलिए इस साल आप अपने घर पर ही हनुमान जी का पूजन करें| घर से बहार न निकलें| आपको हम आसान पूजा विधि बता देते हैं जिससे आप घर में ही पूजन कर सकते हैं|

- सबसे पहले सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें इसके बाद सूर्य देव को जल चढ़ाएं|

- अब आप घर के मंदिर में पूजा की व्यवस्था कर लें|

- घर में ही प्रसाद बना लें, हनुमान जी को मीठा पसंद है तो आप उनके लिए चूरमे का भोग लगा सकते हैं|

- आप हनुमानजी को सिंदूर में तेल मिलाकर चढ़ाएं, और दीपक जलाकर “ऊँ रामदूताय नम:” इस मंत्र का जाप करें| इसका जाप कम से कम 108 बार करें|

- हनुमान जी के साथ राम जी का पुजन भी जरुर करें, साथ में सुंदरकांड या हनुमान चालीसा का पाठ भी अवश्य करें|

- जरूरत मंद लोगों को दान दें, या उनकी खाने की व्यवस्था जरुर करें|

इस साल हनुमान जयंती ऐसे ही मनाएं और हनुमान जी से देश में आई समस्या को जल्दी से दूर करने की प्रार्थना करें|

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@thallalokesh4300Apr 15, 2020
हनुमान जयंती एक हिन्दू पर्व है। यह चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इस दिन हनुमानजी का जन्म हुआ माना जाता है। हनुमान जी को कलयुग में सबसे प्रभावशाली देवताओं में से एक माना जाता है।
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@krishnapatel8792Jan 22, 2022

हनुमान जयंती का पर्व हिंदू लोगों के द्वारा मनाया जाता है इस पर्व को बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है क्योंकि इस दिन भगवान हनुमान जी का जन्म हुआ था और हनुमान जी भगवान हिंदुओं की सबसे लोकप्रिय भगवान में से एक हैं और हनुमान जयंती साल में दो बार मनाई जाती है पहली जयंती हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है और दूसरा ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार मार्च-अप्रैल में मनाई जाती है कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में क्योंकि महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित की गई रामायण के मुताबिक हनुमान जी का जन्म कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की तिथि के मुताबिक धूमधाम से मनाया जाता है।

हनुमान जयंती मनाए जाने का पीछे का कारण यह है कि माता सीता हनुमान जी के समर्पण और भक्ति को देखकर उन्हें सदैव अमरता का वरदान दिया था और जिस दिन माता सीता ने हनुमान जी को वरदान दिया था वह दिन दीपावली का दिन था तभी से हनुमान जयंती दीपावली के दिन मनाई जाने लगी है।Letsdiskuss

और पढ़े- हनुमान जयंती पर कर्ज मुक्ति के लिए कौन से उपाय करना चाहिए ?

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