स्कूल और कॉलेज से जुड़ी कई ऐसी बातें हैं, जिनको आज भी याद करो तो चेहरे पर हसी आ ही जाती है | मैं आपको अपने कॉलेज का BCA (Bachelor of Computer application ) की क्लास के पहले दिन के बारें में बताती हूँ | जब में पहले दिन क्लास में पहुंची तो पूरी क्लास खाली थी, मुझे लगा शायद में गलत जगह आ गई क्लास कहीं और होगी | फिर सोचा कुछ देर इंतज़ार कर लेती हूँ ,फिर एक एक करके क्लास में लड़के आने लगे |
क्या आप अपने स्कूल और कॉलेज से जुड़े कुछ अनुभव हमारे साथ शेयर करना चाहते हैं ?
मैं आज इस आर्टिकल के द्वारा अपने स्कूल के कुछ अनुभव शेयर करना चाहती हूं यह बात तब की है जब मैं कक्षा 10 में पढ़ती थी मेरे स्कूल का माध्यम अंग्रेजी था मेरे वहां के एक टीचर थे जो की बहुत ही अच्छे थे जब भी कोई लड़का मुझे परेशान करता था तो मैं हमेशा अपने साइंस के टीचर से जाकर बात बताती थी तो वे लड़कों को पनिशमेंट करते थे इस प्रकार जब भी मुझे किसी भी प्रकार की कोई समस्या होती थी तो मैं अपने पसंदीदा सर से जाकर अपनी हर एक बात शेयर करती थी आज भी मुझे अपने उस टीचर की याद बहुत आती है।
अगर हम बात करें स्कूल और कॉलेज की तो सबसे अच्छी स्कूल होती है। जहां बच्चे ना केवल पढ़ाई करते हैं बल्कि हर एक एक्टिविटी में भाग लेते हैं। स्कूल लाइफ सबसे अच्छी लाइफ होती है। वहां हर एक स्टूडेंट को गलती करने पर पनिशमेंट भी दिया जाता है जिससे वह पूरी इमानदारी से निभाता है और वह कोई भी गलती नहीं करता है। स्कूल में प्रार्थना और गायत्री मंत्र के द्वारा ही पढ़ाई की शुरुआत की जाती है। इसके बाद अगर हम बात करें कॉलेज की तो यहां बच्चे बड़े हो जाते हैं और अपने हिसाब से ही कॉलेज में पढ़ाई करते हैं। यहां बच्चों को पनिश भी नहीं किया जा सकता है। जिसके कारण कुछ बच्चे गलत रास्ते में भी चले जाते हैं।





