भारत में नशा करना या नशीले पदार्थों का सेवन करना मुख्य रूप से नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS Act), 1985 के तहत पूरे देश में एक दंडनीय अपराध है। हालांकि, यदि हम विशेष रूप से शराब (Alcohol) के सेवन और उसकी बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध की बात करें, तो बिहार (Bihar) और गुजरात (Gujarat) ऐसे प्रमुख राज्य हैं जहाँ नशा करना या शराब रखना एक गंभीर कानूनी जुर्म है।
नशा निषेध से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
- गुजरात: यहाँ आजादी के समय से ही शराबबंदी लागू है। गुजरात में शराब का सेवन, बिक्री या निर्माण करने पर कठोर कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
- बिहार: बिहार सरकार ने अप्रैल 2016 से पूरे राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी। यहाँ शराब पीते हुए पकड़े जाने पर गिरफ्तारी और कानूनी कार्यवाही का सामना करना पड़ता है।
- अन्य राज्य: मिजोरम और नागालैंड जैसे राज्यों में भी नशा और शराबबंदी को लेकर कड़े कानून लागू हैं।
- NDPS कानून: चरस, गांजा, अफीम जैसे अवैध नशीले पदार्थों का सेवन तो पूरे भारत के हर राज्य में गैर-कानूनी है, जिसके लिए जेल की सजा हो सकती है।
निष्कर्ष: भारत के किसी भी हिस्से में अवैध नशीले पदार्थों का सेवन जुर्म है, लेकिन शराब के संदर्भ में गुजरात और बिहार सबसे सख्त कानूनों वाले राज्य माने जाते हैं।