घर के वास्तु दोष की पहचान कैसे करें ? - letsdiskuss
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Rahul Mehra

System Analyst (Wipro) | पोस्ट किया | ज्योतिष


घर के वास्तु दोष की पहचान कैसे करें ?


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Astrologer,Shiv shakti Jyotish Kendra | पोस्ट किया


वास्तु शाश्त्र के अनुसार कई बार कुछ घर मकान हमारे लिए शुभ होते और कुछ अशुभ होते हैं | वैसे मकान शुभ अशुभ सिर्फ गलत दिशा में कुछ रखने यह घर का कोई भाग गलत जगह बनवाने से होता है



| मकान का शुभ और अशुभ होना उसकी दिशा पर आधारित होता है | जैसा कि प्रत्येक दिशा का अपना एक महत्व होता है उसी प्रकार हर दिशा में कुछ चीज़ रखना या घर का कोई हिस्सा बनवाने से पहले दशा निर्धारण जरुरी है |

घर में वास्तु दोष है या नहीं इस बात को जानने के कुछ तरीके -

- परिवार के विवाद :-
अक्सर परिवार में होने वाले विवादों के चलते मनुष्य तनाव में रहता है | कभी घर में अचानक से जगड़े होना , तनाव बढ़ना , आपसी मनमुटाव और घर के सदस्यों के बीच लड़ाई- झगड़े होने लगे तो इसका मतलब यह कि आपके घर वास्तु दोष है | घर में झगड़े होना घर के आग्नेय कोण का अशुभ होना है | अगर घर के आग्नेय कोण (पूर्व दक्षिण दिशा) की दिशा में पानी का कोई स्थान है तो यह शुभ माना जाता है , इस दिशा में किचिन शुभ होता है |

उपाय :-
आग्नेय कोण में हर दिन घी का दीपक जलना चाहिए |

फिजूल खर्चे का अचानक बढ़ना :-
जब भी कभी आपकी आय से ज्यादा आपका व्यय होने लगे तो इसका अर्थ है कि आपके घर में वास्तु दोष है | घर की उत्तर दिशा में गंदगी होने से फिजूलखर्चे ज्यादा बढ़ने लगती है |

उपाय : -
उत्तर दिशा में हमेशा सफाई रखें और साथ ही श्रीयंत्र की स्थापना करें | घर के सामने हरी बेलदार पत्तियां लगाएं और घर में अच्छी किताबें रखें |

सेहत में खराबी :-
जब भी घर के नैऋत्य कोण (दक्षिण - पश्चिम का कोना) का स्थान नीचा होता है तो परिवार के मुखिया और सदस्यों की सेहत में अक्सर गिरावट बनी रहती है |

उपाय :-
मकान में इस दिशा को कभी खाली नहीं छोड़ना चाहिए और अपने घर की पानी की टंकी हमेशा साफ़ रखना चहिये |

Letsdiskuss (Courtesy : NewsTrend )




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pravesh chuahan,BA journalism & mass comm | पोस्ट किया


वास्तु दोष को पहचानना बहुत मुश्किल होता है. इसको केवल वही इंसान पहचान सकता है जिसे वेदों और पुराणों का पूरा ज्ञान होगा, भवन निर्माण के दौरान कई प्रकार के वास्तु दोष रह जाते हैं। इन्हें दूर करने के लिए भवन में ऊॅ, स्वास्तिक, फेंगसुई आदि शुभ-चिन्हों का उपयोग वास्तु-दोष में काफी हदतक राहत प्रदान करता है। 
वास्तु दोष को पहचानने के लिए कुछ अंश इस तरह है:-
घर में हमेशा लड़ाई झगड़े होना, हमेशा तनाव में रहना, कोई भी कार्य करने में बाधा आना,सोचा कार्य पुरा ना होना, किसी बीमारी से पीड़ित रहना,


रोग से जानें भवन के किस स्थान में वास्तु-दोष है... 

सर्दी-जुकाम
सर्दी-जुकामःयदि मकान के ब्रहमस्थल में दोष है और आप अक्सर इसमें अपना समय गुजारते है तो आप सर्दी-जुकाम से पीड़ित रहेंगे।

डायबिटीज-यदि भवन के अग्नि कोण और ईशान कोण में दोष है तो आपको डायबिटीज होने की ज्यादा सम्भावना है। यदि परिवार में किसी को डायबिटीज पहले से है तो फिर डायबिटीज को नियन्त्रण में लाना मुश्किल रहेगा। इसलिए मकान के अग्नि कोण व ईशान कोण का दोष पहले समाप्त करें।

उच्च रक्तचाप
उच्च रक्तचाप-अगर आपके भवन के उत्तर-पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र में किसी प्राकर का वास्तुदोष है तो घर में रहने वाले लोग हीन भावना से ग्रस्त रहेंगे।

हीन भावना-यदि आपके घर में वायव्य व नैऋृत्य कोण में कोई दोष है तो आपके बच्चें, महिलायें व घर में रहने वाले सदस्य अक्सर हीन भावना से ग्रस्त रहेंगे।

कष्ट-अगर आपका मकान मार्ग या गली के अन्त में है तो उसमें रहने वाले सदस्य अक्सर कष्ट में रहेंगे।

रोग-यदि आपके भवन पर किसी वृक्ष, मन्दिर आदि की छाया पड़ रही है तो उस घर में रहने वाले सदस्य आये दिन रोग के शिकार बने रहेंगे।

आयुक्षय-यदि नैऋृत्य कोण में कुआॅ आदि है तो उस घर में रहने वाले लोगों की आयुक्षय होती है।
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