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Sweety Sharma· 8 years ago
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क्या इंसान की इंसानियत खत्म होती जा रही है ?

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Updated on05/22/26

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यह कहना कि इंसानियत खत्म हो रही है, पूरी तरह सही नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में बदलाव जरूर दिखता है। आज की तेज़ और व्यस्त जीवनशैली में लोग अक्सर स्वार्थ, प्रतिस्पर्धा और तनाव में उलझ जाते हैं, जिससे संवेदनशीलता कम लग सकती है। लेकिन दूसरी तरफ, आपदाओं, महामारी और जरूरतमंदों की मदद के समय लोगों की इंसानियत भी साफ दिखाई देती है। सोशल मीडिया और जागरूकता ने भी मदद और सहानुभूति को बढ़ाया है। इसलिए इंसानियत खत्म नहीं हो रही, बल्कि उसके रूप बदल रहे हैं। सही दिशा और सकारात्मक सोच से इसे और मजबूत किया जा सकता है।

 Must Read : इंसान की इंसानियत क्यों ख़त्म होती जा रही है ,क्या कारण है की अब किसी मे इंसानियत नहीं बची ?

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Dr. Aarav Gupta is a practising physician with over 8 years of clinical experience, specialising in general medicine and dermatology-adjacent wellness. He holds an MBBS from All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi, and an MD in General Medicine from the same institution — credentials that place his health and beauty writing on a foundation of verified medical knowledge. His content covers evidence-based skincare, preventive health, nutrition, mental wellness, and the science behind beauty trends that are too often reported without clinical context. His work has been published on platforms including HealthShots, OnlyMyHealth, and Lybrate, where he contributes medical reviews, explainers, and practical health guidance grounded in current clinical evidence. With 8+ years of patient-facing practice behind his writing, Dr. Gupta brings a perspective that is rarely found in health and beauty content — one shaped by real clinical encounters, not just research papers. He is a registered member of the Indian Medical Association (IMA) and has spoken on health literacy and responsible medical communication at platforms including the India Health Summit. Across all his work, his standard remains consistent — every claim is grounded in medical evidence, every recommendation is one he would make to a patient, and no trend is reported without clinical scrutiny.

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Answered on04/13/18
नमस्कार स्वीटी जी ,आज जो वर्तमान में हो रहा है, उसके आधार पर आपका सवाल बहुत ही सही है | वर्तमान समय कि बात न ही करे तो बेहतर होगा | क्योकि वर्तमान में जितना देश आधुनिक होता जा रहा है उतना ही देश बर्बादी की तरफ बढ़ रहा है | और जो हालात आज कल के हो रहे है उसके बाद तो धरती का विनाश संभव है | इंसान अब इंसान नहीं है,जानवर बनता जा रहा है | इंसान की इंसानियत ऐसे कैसे ख़त्म होती जा रही है ? क्या हो गया है इस धरती के लोगो को ? कुछ नहीं पता न ही समझ आ रहा है कुछ |
हर रोज ऐसी खबरे आ जाती है जो इंसान को किसी दूसरे इंसान पर भरोसा न करने की तरफ प्रभावित करती है | कोई किसी पर भरोसा नहीं कर सकता अब ये स्तिथि आ गई है | समय जितना आधुनिक हो रहा है उतना ही लोगो के दिमाग में गंदगी भर रही है | बस बेटी पढ़ाओ में लगे है ,पर बेटियों की सुरक्षा का क्या ? क्यों कोई इसमे आवाज नहीं उठा रहा है ?
जब गुनाह करने वाले की इंसानियत ख़तम हो गई है तो उसको सजा देने में भी इंसानियत मत दिखाओ | अगर गुनेहगार हिरासत में है तो क्यों उसको जेल में बंद कर के दो वक़्त मुफ्त का खाना देकर ,क्यों बेवजह कोर्ट में उनका केस चला कर इतना समय बर्बाद किया जाता है ? क्यों उनको सीधा सजा नहीं दी जा सकती ? जब उनमे इंसानियत नहीं तो हम में क्यों ? पहले खुद बदलो तभी देश बदलेगा |
Huminity & infinity.
K
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हिंदी लेखक

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Answered on04/24/23

जी हां आज के समय में इंसान की इंसानियत पूरी तरह से खत्म होते जा रही है आप ने आए दिन टीवी न्यूज़ चैनल में देखा होगा कि इंसान में इंसान को धोखा दिया दूसरों की क्या बात करें आज के समय में अपना ही सबसे बड़ा धोखा देता है जब अपने ही धोखा देते हैं तो पराए लोगो पर विश्वास कौन कर सकता है। आपने अपने आस-पड़ोस के लोगों को देखा होगा कि या फिर अपने ही घर में देखे होंगे कि आपके घर में हर एक इंसान एक दूसरे से लड़ने के लिए उतावले रहते हैं।

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Krishna Patel
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Answered on04/24/23

आज के समय मे इंसान की इंसानियत पूरी तरह से खत्म होती जा रही है, जिसको देखो वह अपने मतलब के लिए लोगो से रिश्ते निभाता है, ज़ब तक उससे मतलब रखेगा तब तक उससे मीठी -मीठी बाते करके अपना काम निकलवा लेगे और फिर ज़ब उनका काम निकाल जाएगा तो सामने वाले क़ो धोखा देकर अपने जीवन से निकाल कर फेक दे, जैसे कोई व्यक्ति किसी सामान क़ो इस्तेमाल करके कचरे के डिब्बे मे फेक देता है उसी तरह आज कल के लोगो के अंदर की इंसानियत खत्म हो गयी किसी की भावनाओ की कद्र किये बिना उससे काम निकाल जाने के बाद उससे हमेशा के लिए रिश्ते खत्म कर देते है।Article image

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Mp

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Answered on12/09/21

रोजाना दही खाने से बहुत से फायदे होते है -

•हमें रोजाना दही खाना चाहिए क्योंकि दही मे कैल्शियम और फॉस्फोरस की भरपूर मात्रा पायी जाती है, ऐसे मे आप दही रोजाना सेवन करने से आपकी हड्डियां और दाँत मजबूत होते है।

 

•रोज दही खाने से हमारी इम्यूनिटी बढ़ती है, क्योंकि अक्सर लोगो की इम्यूनिटी कमज़ोर हो जाती है जिस वजह से उनको सर्दी जुकाम जल्दी होती है ऐसे मे उनको दही सेवन अवश्य करना चाहिए।

 

•जिन लोगो को दिल की बीमारी होती है उनको दही रोज खाना चाहिए क्योंकि दही खाने से कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है।

 

• दही मे कैल्शियम, पौटेशियम, मैगीनिशियम, विटामिन b-12,विटामिन b-2 पाया जाता है जो मोटापा कम करने मे काफ़ी मददगार होता है, जो व्यक्ति मोटापा कम करना चाहते है उनको दही सेवन करना चाहिए।

 

Letsdiskuss

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Mp

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Answered on06/23/18

आज कल इंसानियत सच में ख़तम हो गई हैं | किसी बाहर वाले से क्या शिकायत करें जब घर के लोग ही जानवर बनते जा रहें हैं | जब घर के लोगों में ही इंसानियत ख़तम हो गई तो फिर बात ही ख़तम हो जाती है |


ऐसी एक इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना हुई | छत्‍तीसगढ़ के एक गांव में फिर रिश्ते को तार तार करने वाली घटना हुई | 60 साल के दादा ने अपनी चार साल की पोती का रेप किया | इतना ही नहीं उसकी हत्या कर दी और उसे पानी से भरे गड्ढे में फेंक दिया | क्या कहें अब इस दुनिया की इंसानियत को,दुनिया ख़तम होने की कगार पर आ गई हैं पर न जाने लोगों को क्या हो गया हैं |

इतना बुरा क्यों हो गया है ये समय ,क्या किया जाये ,कहा सुरक्षित हैं लडकियां ?

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