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Sameer Kumar

Software engineer at HCL technologies | पोस्ट किया |


लोग एटीएम से पैसे ज्यादा निकाले या कम खर्च करे,उनका पैसा है वो जो चाहे कर सकते है,पर क्या ये सही है ?


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Content Writer | पोस्ट किया


नमस्कार समीर जी ,बहुत अच्छा सवाल है आपका ,आपका कहना है -जिसके पैसे उसकी मर्जी वो जो चाहे करे,पर मुझे लगता है, शायद लोग 8 नवम्बर 2016 की तारीख भूल गए है | 

जैसा की सभी को पता है नोट बंदी होने का क्या कारण था | मोदी सरकार ने नोट बंदी इसलिए की ताकि जितना पैसा मार्किट में नहीं आया वो सारा बाहर आए और किसने कितना कला धन छुपा रखा है वो सारा बहार निकले,और ऐसा हुआ भी  | जब नोट बंदी हुई तो काफी कुछ ऐसा हुआ जिसके बारे में लोगो ने सोचा भी नहीं था | तभी पता चला की भारत में कितना पैसा है | हमारे भारत  में पैसो की कोई कमी नहीं है | 

अब अगर लोग वापस से वही करेंगे तो फिर सरकार को वही करना पड़ेगा,और एक बार फिर सामान्य जनता को परेशानी उठानी पड़ेगी | एक खबर के मुताबिक सुनने में आया है कि ATM से पैसे तो निकल रहे है पर मार्किट में नहीं आ रहे है | तो आप खुद ही सोचिये ऐसा हुआ तो क्या होगा | इतना तो सभी को पता है कि लोग फिर से ब्लैक मनी रखने लगे तो क्या होगा | सरकार फिर नोट बंदी करेगी और जनता को ही परेशानी झेलनी पड़ेगी | 

पैसा किसी का भी हो ,मगर उसका सही इस्तेमाल ही करना चाहिए | ऐसा तो हर कोई सोचे कि मेरा पैसा है में चाहे जो करू ,तो फिर सभी को ये बात पहले याद रखनी चाहिए कि वो भी सरकार है ,जो चाहे कर सकती है | इसलिए समझदारी से काम ले और फिर कला धन रखने के चक्कर में ना आये ,और भारत कि अर्थव्यवस्था को सही चलने दे |

Letsdiskuss


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Choreographer---Dance-Academy | पोस्ट किया


बिलकुल सही कहा आपने समीर जी ,जिसका पैसा है वो चाहे जहा खर्च करे,उसकी मर्जी है | पैसा हमारा हम जो करे ,और हम बिलकुल भी 8 नवम्बर की तारिक नहीं भूले | ये तारीख कोई नहीं भूल सकता क्योकि ऐसा कर के सिवा नुक्सान के और कुछ नहीं हुआ | इसलिए मुझे लगता है जिसका पैसा है,मर्जी भी उसकी ही है |


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