S
Sneha Bhatiya· 7 years ago
Exploring astrology, zodiac insights, and traditional interpretations through clear and engaging content.

शनिवार को पीपल के पेड़ में कच्चा दूध चढ़ाने के क्या फायदे हैं ?

4
8.6K

Join this conversation

Sort By
Replying to the question above
Answered on06/13/22

वैसे तो सप्ताह के सभी दिन किसी ना किसी देवता को समर्पित है.।वैसे ही शनिवार के दिन शनिदेव की पूजा की जाती है।शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर कच्चा दूध चढ़ाने से आपकी राशि के सभी ग्रह शांत होते हैं और शनिदेव भी प्रसन्न होते हैं। और जो उनकी पूजा करता है उसके सभी कष्ट दूर होते हैं माना जाता है कि महिलाएं शनिदेव की पूजा तो कर सकती हैं लेकिन उन्हें छू नहीं सकती यदि कोई महिला शनिदेव की पूजा करना चाहती है तो वह पीपल के पेड़ की पूजा कर सकती है। पीपल के पेड़ में भगवान शनिदेव का वास होता है। शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर कच्चा दूध चढ़ाने से महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है। और यदि किसी के राशि में पितृदोष हो तो शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर कच्चा दूध चढ़ाने से पितृदोष दूर होता है।Article image

Krishna Patel
View Profile
2
Replying to the question above
Answered on03/30/19

शनिवार का दिन शनिदेव का माना जाता है | इस दिन पीपल के पेड़ की पूजा भी की जाती है | जैसा कि शनिदेव की मूर्ति को महिलाएं छू नहीं सकती , और अगर कोई महिला शनिदेव की पूजा करना चाहती है तो वह पीपल के पेड़ की पूजा कर सकती है | पीपल का पूजन शनिवार के दिन किया जाता है | वैसे शनिवार का दिन हनुमान जी का भी माना जाता है, और यह दोनों ही मानव को उनके जीवन में सुरक्षा प्रदान करते हैं |


शनिवार के दिन पीपल पर कच्चा दूध चढ़ाने की कुछ खास वजह :-
- शनिवार के दिन पीपल पर कच्चा दूध चढ़ाने से सभी ग्रहों में शांति रहती है |
- अगर किसी के ग्रहों में राहु केतु दोष या किसी तरह का पितृ दोष भी हो तो वह भी दूर होता है |
- जैसा कि ग्रह और नक्षत्र मानव जीवन में बहुत मायने रखता है, और शनि का पूजन सभी ग्रह और नक्षत्रों की दिशा को सही निर्धारित कर के जीवन में होने वाला बुरे प्रभाव को कम करता है |

कैसे करें पूजा और किस मंत्र का जाप करें :-
- शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाएं और उसके बाद कच्चा दूध चढ़कर पीपल की सात बार परिक्रमा करें |
- शनिवार के दिन पीपल की पूजा सूरज उदय से पहले करनी होती है, इसके बाद सूर्य और भगवान शिव का पूजा अवश्य करें | इससे इस पूजन का लाभ आपको दोगुना मिलेगा |
- जो जल आपने पीपल पर चढ़ाया है, उसमें से थोड़ा सा बचा हुआ जल अपनी आँखों पर लगाएं और 4 बार "पितृ देवाय नमः" मंत्र का जाप करें |

ऐसा करने से सभी प्रकार के दोष दूर होते हैं |
शनिवार के दिन शनिचलीसा और हनुमान चालीसा दोनों को पढ़ना चाहिए | हनुमान जी के आगे घी का दिया लगाएं और शनिदेव के आगे सरसों के तेल का दिया जलाएं | परन्तु इस बात का मुख्य रूप से ख्याल रखें कि अगर आप सुबह शनिदेव की पूजा कर रहे हैं तो दिया भी आपको सूरज निकलने से पहले करना होगा और अगर आप शाम को करते हैं तो आपको सूरज ढलने के बाद दिया जलना होगा |

सूर्य देव आने के बाद या उनके अस्त होने के पहले अगर आप शनिदेव का पूजन करते हैं तो यह आपके लिए अशुभ हो सकता है |

(Courtesy : hindubulletin )


शिव शक्ति ज्योतिष केंद्र सनातन धर्म मंदिर

2