आपने दुनिया में बहुत ही मंदिर देखे और सुनें होंगे लेकिन कुछ लोग ऐसे मंदिर है जिसके बारे में जानकर आप चौक जायेंगे । भारत के ऐसा ही एक मन्दिर है खजुराहो का मंदिर जहां हमें कामुकता और सेक्स क्रिया के बारे में बताया गया है । अब आइए बताते है इस मंदिर के बारे में विस्तार से -
खजुराहो का मंदिर मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित है । इस जगह का नाम खजुराहों इस लिए पड़ा क्योंकि यह आपको खजूर के पेड़ बहुत देखने को मिलेंगे । इस मंदिर में वो सभी मूर्तियां अंकित की गई है । जो आदमी केवल सेक्स के समय करता है । खजुराहो के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कामकला के आसनों में दर्शाए गए स्त्री-पुरुषों के चेहरे पर एक अलौकिक और दैवी आनंद की आभा झलकती है। इसमें जरा भी अश्लीलता या भोंडेपन का आभास नहीं होता। ये मंदिर और इनका मूर्तिशिल्प भारतीय स्थापत्य और कला की अमूल्य धरोहर हैं। इन मंदिरों की इस भव्यता, सुंदरता और प्राचीनता को देखते हुए ही इन्हें विश्व धरोहर में शामिल किया गया है।

इस मंदिर में सभी मैथुनी मूर्तियां अंकित की गई है । जो बिना किसी धर्म के डर से और न ही किसी भगवान के डर से नैतिकता के आधार पर बनाई गई है । बताया जाता है कि 22 मंदिरों में एक कंदरिया महादेव का मंदिर कामुकता के लिए जाना जाता है । कंदरिया महादेव को लोग शिव भी मानते है । इस मंदिर का निर्माण राजा विद्याधर ने मोहम्मद गजनवी को दूसरी बार परास्त करने के बाद 1065 ई. के आसपास करवाया था। बताया यह भी जाता है कि यह मंदिर चंदेल वंश के राजपूत ने बनवाया था ।

खजुराहो में वर्ष 1999 से 2000 के बीच पुरातत्व विभाग ने खुदाई के माध्यम से वीजा मंडल नामक मंदिर खोजा था। जिसका रेस्टोरेसन करवाना शुरू किया था। यह कुछ समय तक तो चला पर बाद में रेस्टोरेसन का काम बंद हो गया। यह अभी भी बंद है। जबकि यहां देश-विदेश के पर्यटक भारी संख्या में इसे देखने आने लगे थे।




