जो आक्रति होती नही है पंरंतु उनका अनुमान लगाया जाता हैं उसे पेराडोलिया कहा जाता हैं। उदाहरण के लिए कहा जा सकता है कि आकाश मे बादलो मे चहरे की आकृति समझना या किसी जीव या इंसान जैसे बहोत कुछ। उसे पेरिडोलिया कहा जाता है। जर्मन शब्दपेरीडोली का इस्तेमाल की कार्ल लुडविग काहलबाम केलेखों में किया गया था। पेरिडोलिया लोगों को चेहरे के रूप में यादृच्छिक छवियों, या प्रकाश और छाया के पैटर्न की व्याख्या करने का कारण बन सकता है। 
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Answered By komal Solanki
AuthorAnswered on09/17/21
