Ramesh Kumar's avatar
Updated on May 30, 2026others

भारत में हाइट को लेकर डबल स्टैंडर्ड क्या है?

React
3 Answers

avatar
Updated on May 30, 2026

हाँ, भारत में हाइट को लेकर डबल स्टैंडर्ड देखने को मिलता है। सबसे आम उदाहरण यह है कि समाज अक्सर पुरुषों से लंबा होने की अपेक्षा करता है, जबकि महिलाओं के लिए "औसत" या "बहुत ज्यादा लंबी नहीं" होने को आदर्श माना जाता है।

भारत में हाइट को लेकर डबल स्टैंडर्ड क्या है?

पुरुषों के मामले में लंबी हाइट को आकर्षक व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता से जोड़कर देखा जाता है। इसके विपरीत, कम हाइट वाले पुरुषों को कभी-कभी मजाक, रूढ़ियों या डेटिंग संबंधी पूर्वाग्रहों का सामना करना पड़ता है। कई रिश्तों में आज भी यह अपेक्षा रहती है कि पुरुष महिला से लंबा होना चाहिए।

महिलाओं के मामले में स्थिति थोड़ी अलग है। अच्छी हाइट को सकारात्मक माना जाता है, लेकिन यदि कोई महिला औसत से काफी लंबी हो, तो उसे अक्सर यह सुनने को मिलता है कि उसके लिए उपयुक्त साथी ढूंढना कठिन होगा। यानी समाज पुरुषों और महिलाओं दोनों की हाइट को अलग-अलग मानकों से आंकता है।

यह सोच केवल व्यक्तिगत पसंद तक सीमित नहीं है। फिल्मों, विज्ञापनों, सोशल मीडिया और विवाह संबंधी विज्ञापनों में भी लंबे कद को अक्सर आकर्षण और सफलता से जोड़कर प्रस्तुत किया जाता है। इससे यह धारणा और मजबूत होती है कि हाइट व्यक्ति के मूल्य या व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

हालांकि, वास्तविकता यह है कि हाइट किसी व्यक्ति की योग्यता, बुद्धिमत्ता, सफलता या चरित्र को निर्धारित नहीं करती। आज के समय में शिक्षा, कौशल, आत्मविश्वास और व्यवहार जैसी चीजें जीवन की सफलता में कहीं अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

संक्षेप में, भारत में हाइट को लेकर डबल स्टैंडर्ड इसलिए कहा जाता है क्योंकि पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग सामाजिक अपेक्षाएँ मौजूद हैं, और कई बार लोगों का मूल्यांकन उनकी वास्तविक क्षमताओं के बजाय उनके शारीरिक कद के आधार पर किया जाता है।

React
R
Updated on May 29, 2026

भारत में हाइट यानी कद को लेकर एक बहुत बड़ा डबल स्टैंडर्ड देखने को मिलता है। लोग अक्सर कहते हैं कि “पर्सनैलिटी मायने रखती है, हाइट नहीं”, लेकिन असल जिंदगी में कई बार व्यवहार बिल्कुल उल्टा दिखाई देता है।

सबसे बड़ा डबल स्टैंडर्ड लड़कों के साथ देखा जाता है। समाज में अक्सर यह उम्मीद की जाती है कि लड़का लंबा होना चाहिए। रिश्तों, शादी, मॉडलिंग, यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी छोटे कद वाले लड़कों को मज़ाक या कम आत्मविश्वासी मान लिया जाता है। कई लोग सीधे बोल देते हैं:

  • “लड़का लंबा होना चाहिए”
  • “6 फीट से कम नहीं”
  • “हाइट अच्छी नहीं है”

लेकिन जब लड़के किसी लड़की की हाइट को लेकर preference रखें, तब उन्हें तुरंत जज किया जाता है।

दूसरी तरफ, लड़कियों के मामले में भी डबल स्टैंडर्ड है। छोटी हाइट वाली लड़कियों को अक्सर “cute” या “adorable” कहा जाता है, जबकि लंबी लड़कियों को कई बार comments सुनने पड़ते हैं जैसे:

  • “बहुत लंबी है”
  • “लड़कों से भी लंबी लगती है”

यानि समाज हर situation में appearance को लेकर opinion रखता ही है।

सोशल मीडिया और फिल्मों ने भी इस सोच को बढ़ाया है। हीरो ज्यादातर लंबे दिखाए जाते हैं, जिससे लोगों के दिमाग में यह image बन जाती है कि अच्छी personality का मतलब सिर्फ लंबा कद है। जबकि असलियत में confidence, communication skills, behavior और talent कहीं ज्यादा important होते हैं।

एक और डबल स्टैंडर्ड यह है कि लोग body positivity की बात तो करते हैं, लेकिन height shaming को अक्सर मज़ाक समझकर ignore कर देते हैं। छोटे कद वाले लोगों पर jokes बनाना आज भी बहुत common है।

मेरे हिसाब से हाइट सिर्फ एक physical trait है, personality की पूरी पहचान नहीं। किसी इंसान की value उसके behavior, मेहनत, सोच और confidence से होनी चाहिए, सिर्फ कद से नहीं।

React
K
Updated on May 28, 2026

अरे भाई, ये हाइट वाला जो चक्कर है ना अपने इंडिया में, कसम से कतई अजीब लेवल का डबल स्टैंडर्ड (दोहरा मापण) है। मतलब बंदा चाहे कितना भी कमा ले, कितना भी बढ़िया हो, पर अगर हाइट कम रह गई तो समाज ऐसे देखता है जैसे कोई गुनाह कर दिया हो!

इसको थोड़ा देसी तरीके से समझो कि असल में हो क्या रहा है:

1. लौंडो के लिए अलग ही रोला है

  • लम्बा है तो किंग है: अपने यहाँ लड़कों की लंबाई को सीधे उनकी मर्दानगी और कॉन्फिडेंस से जोड़ देते हैं। अगर लड़का 6 फुट का है, तो बोलेंगे—"ओह भाई, क्या गबरू जवान है!" 
  • छोटे कद वालों की मौज लेना: और खुदा ना खास्ता अगर किसी भाई की हाइट थोड़ी कम रह गई, तो भाई साहब, महफ़िल में दोस्त यार उसका नाम 'छोटू' या 'टिंगू' रख देंगे। बंदा अंदर ही अंदर घुटता रहता है, पर लोग मजे लेने से बाज नहीं आते।

2. कुड़िए (लड़कियों) के लिए अलग ही पंगा है

  • ज्यादा लंबी हुई तो आफत: अब देखो दोगलापन! लड़कों को तो लंबा होना चाहिए, पर अगर कोई लड़की 5'8" या उससे लंबी हो जाए, तो मोहल्ले की चाचियों को टेंशन हो जाती है—"अरे इतनी लंबी हो गई, इसके लिए दूल्हा कहाँ से लाएंगे? लड़का छोटा लगेगा इसके आगे।" 
  • छोटू हाइट चल जाएगी, पर...: लड़की की हाइट कम हो तो समाज को दिक्कत नहीं होती, पर उसे बिलकुल 'नाजुक सी गुड़िया' समझ लेते हैं, जैसे वो खुद का कोई काम ही नहीं कर सकती।

3. शादी के मार्केट का तो पूछो ही मत (सबसे बड़ा सियापा)

असली डबल स्टैंडर्ड तो तब दिखता है जब शादी की बात आती है:

  • लड़के वालों के नखरे: लड़का भले ही खुद 5 फुट 5 इंच का हो, पर उसको लड़की चाहिए कम से कम 5 फुट 4 इंच की, मॉडल जैसी!
  • लड़की वालों की डिमांड: लड़की वाले अड़ जाते हैं कि लड़का हमारी लड़की से कम से कम 4-5 इंच लंबा होना ही चाहिए। अगर दोनों की हाइट बराबर भी हो ना, तो लोग कानाफूसी शुरू कर देते हैं—"जोड़ी जमी नहीं यार, लड़का छोटा लग रहा है।" लड़की चाहे कितनी भी पढ़ी-लिखी हो, लड़के की हाइट कम है तो रिश्ता वहीं कैंसिल!

4. बॉलीवुड ने भी दिमाग खराब कर रखा है

अपनी फिल्मों में भी तो यही दिखाते हैं ना! हीरो हमेशा लंबा-चौड़ा होगा और हीरोइन उसके कंधे तक आएगी। अगर कोई एक्टर छोटा है, तो कैमरे के एंगल बदल-बदल के या हील्स पहना के उसको लंबा दिखाएंगे। मतलब ये मान चुके हैं कि हीरो है तो लंबा होना ही पड़ेगा।

सीधी बात ये है भाई: अब हाइट तो बंदे के हाथ में होती नहीं, ये तो जींस (Genetics) का खेल है। पर अपने यहाँ लोग बंदे की अकल और औकात बाद में देखते हैं, पहले फीता लेके उसकी हाइट नापने लग जाते हैं। यही सबसे बड़ा दोगलापन है!

इसे भी तुम देख सकते हो: हाइट कैसे ऊँची करे

React