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Updated on Mar 24, 2026astrology

शनि देव की पत्नी का नाम क्या था? वो कौन सी देवी थी?

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Updated on Mar 23, 2026

हिंदू धर्म में, मंदा (संस्कृत: मान्धा, माण्ड) या धामिनी (संस्कृत: धामिनी, धामिनी) शनि की दूसरी पत्नी और गुलिकन की माँ है। वह एक गंधर्व पुत्री और राजकुमारी है। वह काल की देवी हैं। उसका नृत्य / नृत्य पूरे ब्राह्मण (ब्रह्मांड) में किसी को भी आकर्षित कर सकता है। कभी-कभी, मंदा का उल्लेख भारत में ग्रह शनि (शनि) के दिव्य शासन के रूप में किया जाता है।

मंदा की माँ दिव्यंका की मृत्यु हो गई जब मंदा छोटी थी। दिव्यंका ने अपने जीवन का त्याग कर एक असुर नाग से लड़ते हुए बच्चे मंदा को बचाने की कोशिश की। चित्ररथ ने उसकी मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। मंदरा के पिता चित्ररथ ने उसका नाम सांप धमीना के नाम पर रखा क्योंकि वह उस स्मृति को जीवित रखना चाहता था।

एक प्राचीन कथा के अनुसार, बचपन से ही भगवान शनि भगवान शिव के भक्त थे। जब उनके पिता भगवान सूर्य ने उनका विवाह मन्त्र नामक चित्ररथ की कुशल पुत्री से कर दिया। वह (भगवान शनि) भगवान शिव के गहरे विचारों में लीन रहते थे। एक दिन, उसकी पत्नी (धामिनी) उसके मासिक धर्म के बाद स्नान करने के बाद उसके पास आई, उस समय भगवान शनि अपने देवता (भगवान शिव) के गहरे विचारों में डूबे हुए थे। उसने अपनी पत्नी की ओर देखने का भी ध्यान नहीं रखा। उनकी पत्नी मंगल दोष से प्रभावित थी। तो, उसकी पत्नी बहुत उदास हो गई और उसे शाप दिया, “आप भविष्य में किसी को देखने में सक्षम नहीं हो सकते हैं, और आपकी दृष्टि कभी भी नीचे की ओर रहेगी। जिसको भी आप देखते हैं, वह बर्बाद हो जाएगा। ”जब वह अपने क्रोध पर हावी हो गया, तो उसने बहुत पश्चाताप किया, लेकिन शाप पूर्ववत नहीं मिल सका, इसलिए भगवान शनि की दृष्टि हमेशा के लिए नीचे की ओर रहती है। लेकिन, जब भगवान शनि ने अपना रैंक स्वीकार किया। (कर्मों के भगवान), वह इस अभिशाप से मुक्त हो जाता है।

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Answered on Dec 23, 2022

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि शनिदेव को न्याय के देवता के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा जिसके ऊपर शनि देव की कुदृष्टि पड़ती है तो उनके जीवन में परेशानियां आती रहती हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि देव की पत्नी कौन थी और उनका नाम क्या था शायद आपको पता नहीं होगा तो चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।

बताया जाता है कि शनिदेव की 8 पत्नियां थी जिनका नाम है ध्वजिनी, धामिनी, कंकाली, कलह प्रिया, कंटकी, तुरंगी, महिषी, अजा। इस प्रकार ऐसी मान्यता है कि यदि आप शनिदेव के प्रकोप को कम होना चाहते हैं तो उनकी पत्नियों का जप करके शनिदेव के प्रकोप से बचा जा सकता है।Letsdiskuss

 

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Answered on Dec 23, 2022

जैसा कि हम सब जानते हैं कि सूर्य देव के पुत्र शनि देव कलयुग के न्याय प्रिय देवता है। अगर शनिदेव किसी व्यक्ति के जीवन में अपनी को क्रूदृष्टि डाल दे तो उसके जीवन में बहुत सारी समस्याएं आने लगती हैं।जिन्हें लोग कुंडली में शनि का दोष मानते है। लेकिन आज हम जानते हैं कि शनि भगवान की पत्नी का नाम क्या था तो शनि भगवान की पत्नी का नाम सती-साधवी और परम तेजस्विनी थीं। वैसे तो कहा जाता है कि शनि भगवान की पत्नियां थी जिनका नाम -ध्वजिनी, धामिनी, कंकाली, कलह प्रिया, कंटकी आदि था।Article image

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Answered on Dec 24, 2022

दोस्तों शनि देव न्याय के देवता माने जाते हैं । शनि देव सूर्य देव और माता छाया के पुत्र हैं। शनिदेव को बहुत जल्दी क्रोध आता है शनिदेव बचपन से ही श्री कृष्ण के भक्त थे। और वे अधिकतर समय भगवान श्री कृष्ण की साधना में ही बिताते थे आज हम इस पोस्ट में आपको बताएंगे कि शनि देव की पत्नी का नाम क्या था और वह कौन सी देवी थी। शनि देव की पत्नी का नाम सती साधवी परम तपस्विनी थी। ऐसा माना जाता है कि शनि देव की और भी पत्नियां थी जिनका नाम ध्वजिनी, धामिनी, कंकाली, तुरंगी, कलहप्रिया, कंटकी, महिषी आदि उनकी पत्नियां थी।

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Answered on Mar 3, 2023

शनि देव की पत्नी का नाम धमिनी था और वह एक गंधर्व पुत्री होने के साथ एक राजकुमारी भी थी।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनिदेव को न्याय करने वाला देवता माना जाता है,मानव अपने जीवन में जो भी अच्छे या बुरे कर्म करता है, उसका फल उसे शनिदेव ही देते हैं। जब किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव होता है तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन शनि देव जी क़ो तेल और जल अर्पित करने से शनि देव प्रसन्न होते है।Article image

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Answered on Mar 23, 2026

शनि देव से जुड़ी कथाएं अलग-अलग पुराणों और लोक मान्यताओं में भिन्न रूप से मिलती हैं, इसलिए इसमें कुछ भ्रम भी देखने को मिलता है।

कुछ जगहों पर यह कहा जाता है कि उनकी कई पत्नियां (जैसे 8) थीं, लेकिन यह मान्यता सभी ग्रंथों में स्पष्ट रूप से प्रमाणित नहीं है।

प्रमुख रूप से जिन नामों का उल्लेख मिलता है, उनमें नीलम (नीलिमा), मंदा और धामिनी शामिल हैं।

अधिकतर धार्मिक कथाओं में उनकी एक या कुछ पत्नियों का ही उल्लेख मिलता है, न कि निश्चित रूप से आठ का। यह बात समझना जरूरी है कि पौराणिक कथाएं अलग-अलग परंपराओं में अलग रूप ले लेती हैं, इसलिए संख्या को लेकर मतभेद होना सामान्य है।

इसलिए 8 पत्नियां वाली बात एक लोक मान्यता हो सकती है, लेकिन इसे सभी स्रोतों में निश्चित तथ्य नहीं माना जाता।

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