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Jessy Chandra· 6 years ago
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शनि देव की पत्नी का नाम क्या था? वो कौन सी देवी थी?

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Answered on03/23/26

शनि देव से जुड़ी कथाएं अलग-अलग पुराणों और लोक मान्यताओं में भिन्न रूप से मिलती हैं, इसलिए इसमें कुछ भ्रम भी देखने को मिलता है।

कुछ जगहों पर यह कहा जाता है कि उनकी कई पत्नियां (जैसे 8) थीं, लेकिन यह मान्यता सभी ग्रंथों में स्पष्ट रूप से प्रमाणित नहीं है।

प्रमुख रूप से जिन नामों का उल्लेख मिलता है, उनमें नीलम (नीलिमा), मंदा और धामिनी शामिल हैं।

अधिकतर धार्मिक कथाओं में उनकी एक या कुछ पत्नियों का ही उल्लेख मिलता है, न कि निश्चित रूप से आठ का। यह बात समझना जरूरी है कि पौराणिक कथाएं अलग-अलग परंपराओं में अलग रूप ले लेती हैं, इसलिए संख्या को लेकर मतभेद होना सामान्य है।

इसलिए 8 पत्नियां वाली बात एक लोक मान्यता हो सकती है, लेकिन इसे सभी स्रोतों में निश्चित तथ्य नहीं माना जाता।

P
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Answered on03/03/23

शनि देव की पत्नी का नाम धमिनी था और वह एक गंधर्व पुत्री होने के साथ एक राजकुमारी भी थी।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार शनिदेव को न्याय करने वाला देवता माना जाता है,मानव अपने जीवन में जो भी अच्छे या बुरे कर्म करता है, उसका फल उसे शनिदेव ही देते हैं। जब किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव होता है तो ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शनिवार के दिन शनि देव जी क़ो तेल और जल अर्पित करने से शनि देव प्रसन्न होते है।Article image

S
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Mp

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Answered on12/24/22

दोस्तों शनि देव न्याय के देवता माने जाते हैं । शनि देव सूर्य देव और माता छाया के पुत्र हैं। शनिदेव को बहुत जल्दी क्रोध आता है शनिदेव बचपन से ही श्री कृष्ण के भक्त थे। और वे अधिकतर समय भगवान श्री कृष्ण की साधना में ही बिताते थे आज हम इस पोस्ट में आपको बताएंगे कि शनि देव की पत्नी का नाम क्या था और वह कौन सी देवी थी। शनि देव की पत्नी का नाम सती साधवी परम तपस्विनी थी। ऐसा माना जाता है कि शनि देव की और भी पत्नियां थी जिनका नाम ध्वजिनी, धामिनी, कंकाली, तुरंगी, कलहप्रिया, कंटकी, महिषी आदि उनकी पत्नियां थी।

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V
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Answered on12/23/22

जैसा कि हम सब जानते हैं कि सूर्य देव के पुत्र शनि देव कलयुग के न्याय प्रिय देवता है। अगर शनिदेव किसी व्यक्ति के जीवन में अपनी को क्रूदृष्टि डाल दे तो उसके जीवन में बहुत सारी समस्याएं आने लगती हैं।जिन्हें लोग कुंडली में शनि का दोष मानते है। लेकिन आज हम जानते हैं कि शनि भगवान की पत्नी का नाम क्या था तो शनि भगवान की पत्नी का नाम सती-साधवी और परम तेजस्विनी थीं। वैसे तो कहा जाता है कि शनि भगवान की पत्नियां थी जिनका नाम -ध्वजिनी, धामिनी, कंकाली, कलह प्रिया, कंटकी आदि था।Article image

preeti  patel
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Updated on06/04/26

पहले तो ये समझ लेते है की वाइफ स्वैपिंग होती क्या ह ?

स्वैप करने का मतलब होता है अदला-बदली करना. वाइफ स्वैपिंग में या तो दो पुरुष या पुरुषों का समूह आपस में मिलकर अपनी पत्नियों की अदला बदली करता है. ये अधिकतर एक रात या दिन का अरेंजमेंट होता है. इसके बाद इसका ज़िक्र भी कोई नहीं करता. पहले एक हाई क्लास सोसाइटी का सीक्रेट मानी जाने वाली ये प्रैक्टिस अब मिडल क्लास तक भी पहुंच गई है. इसके बारे में ज्यादा जानकारी अवेलेबल नहीं है, सिवाय चंद ख़बरों के.

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नई दिल्लीः देश की राजधानी दिल्ली में wife-swapping के खेल बडे पैमाने पर खेला जा रहा है। युवा कपल इस काले खेल के प्रति आकर्षित भी तेजी से होते जा रहे है। एक स्टिंग ऑपरेशन में इस काले खेल का खुलासा हुआ हैं। जिसमें पति की रजामंदी से एक-दूसरे की वाइफ के साथ संबंध बनाए जाते है। कपल स्वैपिंग के इस खेल में देशभर के करीब 15 से 20 हजार कपल शामिल है।

wife-swapping का यह खेल कुछ बड़ी पार्टियों में भी खेला जाता हैं। इस पार्टी में पार्टनर सेलेक्ट करने का तरीका भी अनोखा होता है। पार्टी के सारे मर्द अपनी गाड़ियों की चाबी एक बाउल में डाल देते हैं। इसके बाद सभी महिलाएं आंखों पर पट्टी बांधकर बाउल से चाबी निकालती है। महिला के पास जिस पुरूष की गाड़ी की चाबी आती हैं, उसे उस पुरूष के साथ wife-swapping का यह खेल खेलना होता है।

और पढ़ें : वो हाउस वाइफ है इसका क्या अर्थ है ?
P
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Answered on12/23/22

जैसा कि आप सभी जानते हैं कि शनिदेव को न्याय के देवता के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा जिसके ऊपर शनि देव की कुदृष्टि पड़ती है तो उनके जीवन में परेशानियां आती रहती हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि शनि देव की पत्नी कौन थी और उनका नाम क्या था शायद आपको पता नहीं होगा तो चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं।

बताया जाता है कि शनिदेव की 8 पत्नियां थी जिनका नाम है ध्वजिनी, धामिनी, कंकाली, कलह प्रिया, कंटकी, तुरंगी, महिषी, अजा। इस प्रकार ऐसी मान्यता है कि यदि आप शनिदेव के प्रकोप को कम होना चाहते हैं तो उनकी पत्नियों का जप करके शनिदेव के प्रकोप से बचा जा सकता है।Letsdiskuss

 

और पढ़े-- चेत्र नवरात्रि के छठे दिन कौन सी देवी का पूजन होता है ,इससे क्या लाभ मिलता है ?

Krishna Patel
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Updated on03/23/26

हिंदू धर्म में, मंदा (संस्कृत: मान्धा, माण्ड) या धामिनी (संस्कृत: धामिनी, धामिनी) शनि की दूसरी पत्नी और गुलिकन की माँ है। वह एक गंधर्व पुत्री और राजकुमारी है। वह काल की देवी हैं। उसका नृत्य / नृत्य पूरे ब्राह्मण (ब्रह्मांड) में किसी को भी आकर्षित कर सकता है। कभी-कभी, मंदा का उल्लेख भारत में ग्रह शनि (शनि) के दिव्य शासन के रूप में किया जाता है।

मंदा की माँ दिव्यंका की मृत्यु हो गई जब मंदा छोटी थी। दिव्यंका ने अपने जीवन का त्याग कर एक असुर नाग से लड़ते हुए बच्चे मंदा को बचाने की कोशिश की। चित्ररथ ने उसकी मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। मंदरा के पिता चित्ररथ ने उसका नाम सांप धमीना के नाम पर रखा क्योंकि वह उस स्मृति को जीवित रखना चाहता था।

एक प्राचीन कथा के अनुसार, बचपन से ही भगवान शनि भगवान शिव के भक्त थे। जब उनके पिता भगवान सूर्य ने उनका विवाह मन्त्र नामक चित्ररथ की कुशल पुत्री से कर दिया। वह (भगवान शनि) भगवान शिव के गहरे विचारों में लीन रहते थे। एक दिन, उसकी पत्नी (धामिनी) उसके मासिक धर्म के बाद स्नान करने के बाद उसके पास आई, उस समय भगवान शनि अपने देवता (भगवान शिव) के गहरे विचारों में डूबे हुए थे। उसने अपनी पत्नी की ओर देखने का भी ध्यान नहीं रखा। उनकी पत्नी मंगल दोष से प्रभावित थी। तो, उसकी पत्नी बहुत उदास हो गई और उसे शाप दिया, “आप भविष्य में किसी को देखने में सक्षम नहीं हो सकते हैं, और आपकी दृष्टि कभी भी नीचे की ओर रहेगी। जिसको भी आप देखते हैं, वह बर्बाद हो जाएगा। ”जब वह अपने क्रोध पर हावी हो गया, तो उसने बहुत पश्चाताप किया, लेकिन शाप पूर्ववत नहीं मिल सका, इसलिए भगवान शनि की दृष्टि हमेशा के लिए नीचे की ओर रहती है। लेकिन, जब भगवान शनि ने अपना रैंक स्वीकार किया। (कर्मों के भगवान), वह इस अभिशाप से मुक्त हो जाता है।

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