महाशिवरात्रि 2024मे 8मार्च को व्रत रख सकते है।8मार्च को पूजा करने का शुभ मुहूर्त रात 9:57बजे से 9मार्च को सुबह 6:17मिनट मे समाप्त हो जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार माँ पार्वती, भगवान शिव जी को पाने के लिए उन्होंने बहुत ही कठोर तपस्या की थी। और माँ पार्वती की घोर तपस्या महाशिवरात्रि के दिन पूर्ण हुयी और माँ पार्वती इतनी तपस्या करने के बाद महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव जी मिल गये।महाशिवरात्रि के दिन
शिव जी और माँ पार्वती का मिलन पूरा हुआ,इसी दिन पार्वती माँ और शिव जी का विवाह हुआ था।
महाशिवरात्रि के दिन कुंवारी कन्या के शिव जी का व्रत रखती है, और सच्चे मन से शिवजी की पूजा आराधना करती है और शिव जी तरह वर मांगती है तो उनकी मनोकामना शिव जी जरूर पूरी करते है। क्योंकि महाशिवरात्रि के दिन हर एक शिवलिंग मे भगवान शिव जी विराजमान होते है, इसलिए हर महिला आपने पति की लम्बी उम्र के लिए महाशिवरात्रि के दिन व्रत रखती है।
महाशिवरात्रि के दिन पूजा करने की विधि -
महाशिवरात्रि के दिन सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करे, उसके बाद वस्त्र पहने और भगवान शिव जी के व्रत रखने के लिए संकल्प ले। व्रत के समय यह भी संकल्प ले कि आप किस तरह का व्रत फलाहार या निर्जला व्रत रखेंगे। उसके बाद शुभ मुहूर्त के अनुसार ही पूजा शुरू करे।पूजा शुरू करने से पहले भगवान शिव जी को पंचामृत से स्नान करवाए,उसके बाद भगवान शिवजी को बेलपत्र, धतूरा, जायफल,कई रंग के फूल,फल,कमल गट्टे, पान, इत्र तथा मिष्ठान, भांग आदि चीजे चढ़ायी जाती है। भगवान शिवजी को खीर का भोग लगाकर सभी लोगो को प्रसाद बाँटे और आशीर्वाद लेते हुए कन्याऐ शिव जी की तरह वर प्राप्ति की मनोकामना मांग सकती है, क्योंकि भगवान शिव जी से आपने भक्तो की मनोकामना जरूर पूरी करते है।
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