चलिए आज हम आपको बताते हैं कि भारत में राज्य पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट कब लागू की गई थी।
भारत में राज्य पुनर्गठन आयोग की रिपोर्ट 1955 में लागू की गई थी। इस रिपोर्ट के अनुसार भारत देश को 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पुनर्गठित करने का उद्देश्य था। इसके बाद सरकार ने वर्ष 1956 के नवंबर महीने में लागू की गई राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत देश को 14 राज्यों और 6 केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया था। इसके बाद 1960 में पुनर्गठन को दोबारा दोहराया गया था और 1960 में मुंबई राज्य को विभाजित करके महाराष्ट्र और गुजरात का गठन किया गया था।1963 में नागालैंड को गठित किया गया था।
मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि 22 दिसंबर1953 में न्यायाधीश फसल अली के अध्यक्षता में प्रथम राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन हुआ था। इस आयोग मे तीन सदस्य न्याय मूर्ति फसल अली,हृदयनाथ कुंजरू,और पढिक्कर शमील थें।
राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन राज्य की सीमाओं को पुनर्गठित करने के उद्देश्य से किया गया था।
मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि 1 नवंबर को आठ राज्यों का गठन हुआ था जिनमें आंध्र प्रदेश, हरियाणा,कर्नाटक, केरल,मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु,और पंजाब शामिल है।
1नवंबर 1956 को सबसे पहले आंध्र प्रदेश राज्य का गठन हुआ था।
इसके बाद 1नवंबर1966 में हरियाणा और केरल का गठन हुआ इन राज्यों के साथ 1नवंबर 1966 को पंजाब का भी गठन हुआ था।
इनके बाद 1नवंबर 1973 को कर्नाटक राज्य का गठन हुआ था।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का गठन एक ही दिन 1नवंबर 2000 मे गठन हुआ था।
मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि भारत के स्वतंत्र होने के बाद राज्यों का पुनर्गठन भाषा के आधार पर पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया था। वहीं अगर मैं बात करूं की भाषा के आधार पर सबसे पहले गठित होने वाला राज्य कौन सा है तो वह आंध्र प्रदेश है 1 अक्टूबर1953 को आंध्र प्रदेश भाषा के आधार पर गठित होने वाला पहला राज्य था।

