अर्थशास्त्र एक प्राचीन और महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो शासन, राजनीति और अर्थव्यवस्था से संबंधित ज्ञान प्रदान करता है।
इस ग्रंथ के लेखक चाणक्य माने जाते हैं, जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है।उन्होंने यह ग्रंथ मौर्य काल में लिखा था और इसमें राज्य संचालन, कर व्यवस्था, कूटनीति और प्रशासन के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है।
अर्थशास्त्र को प्राचीन भारत की राजनीति और प्रशासन का एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक माना जाता है।
इस प्रकार अर्थशास्त्र के रचयिता चाणक्य थे, जिनका भारतीय इतिहास में बहुत महत्वपूर्ण स्थान है।


