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Mar 21, 2026others

मृत व्यक्ति के नाक में रूई क्यों लगाई जाती है?

2 Answers
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@anitapandey6092Jan 2, 2026

हम सभी ने देखा है कि मृत शरीर के नाक और कान में रूई डाली जाती है। इसके पीछे वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों कारण है।

सबसे पहले बात करते हैं वैज्ञानिक कारण की। दरअसल, मौत के बाद इंसान के कान और नाक से एक विशेष द्रव निकलता है। इस द्रव के बहाव को रोकने के लिए ऐसा किया जाता है। इसके साथ ही ऐसा भी कहा जाता है कि मृत्यु के बाद शरीर में किसी तरह की कोई बैक्टीरिया प्रवेश न कर जाए इस वजह से नाक और कान के छिद्र को रूई से ढक दिया जाता है।

अब जरा गौर फरमाते हैं आध्यात्मिक कारण पर। गरुण पुराण के अनुसार शव के खुले हुए हिस्सों में सोने का कण रखे जाने की मान्यता है।

इन्हें शरीर के नौ अंगो में रखा जाता है जिसमे नाक, कान, आंख, मुंह इत्यादि शामिल है। इसके पीछे ऐसी मान्यता है की सोना अत्यंत पवित्र धातु है। मृत शरीर के इन भागों में स्वर्ण रखने से उस देह की आत्मा को शान्ति मिलती है।

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@vrindashashwat9890Mar 20, 2026

यह एक परंपरा और व्यावहारिक कारणों से किया जाने वाला कार्य है, जो अंतिम संस्कार से पहले देखा जाता है।

मृत्यु के बाद शरीर के अंदर की प्रक्रियाएं रुक जाती हैं, लेकिन कुछ समय तक शरीर से द्रव (fluid) बाहर आ सकता है। नाक और मुंह से तरल पदार्थ या हवा निकलने की संभावना रहती है, इसलिए वहां रूई लगाई जाती है।

इससे शरीर को साफ और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलती है। यह एक स्वच्छता (hygiene) से जुड़ा उपाय भी है, ताकि आसपास का वातावरण प्रभावित न हो।

साथ ही, यह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सम्मानजनक बनाने के लिए किया जाता है। यह तरीका शरीर से निकलने वाले द्रव को रोकने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए अपनाया जाता है।

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