यह एक परंपरा और व्यावहारिक कारणों से किया जाने वाला कार्य है, जो अंतिम संस्कार से पहले देखा जाता है।
मृत्यु के बाद शरीर के अंदर की प्रक्रियाएं रुक जाती हैं, लेकिन कुछ समय तक शरीर से द्रव (fluid) बाहर आ सकता है। नाक और मुंह से तरल पदार्थ या हवा निकलने की संभावना रहती है, इसलिए वहां रूई लगाई जाती है।
इससे शरीर को साफ और व्यवस्थित बनाए रखने में मदद मिलती है। यह एक स्वच्छता (hygiene) से जुड़ा उपाय भी है, ताकि आसपास का वातावरण प्रभावित न हो।
साथ ही, यह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को व्यवस्थित और सम्मानजनक बनाने के लिए किया जाता है। यह तरीका शरीर से निकलने वाले द्रव को रोकने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए अपनाया जाता है।