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Updated on May 18, 2026entertainment

जन्म दिन क्यों मनाते है ?

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Health Facts Researcher
Answered on Oct 17, 2023

पहले जन्मदिन को संरक्षण के रूप में शुरू किया गया था।

मेरे हिसाब से तो जन्मदिन इसलिए मनाया जाता है क्योंकि पूरी जिंदगी का वो पहले और आखिरी दिन होता है जिसमें बेटा रोता है और मां हंसती है हर जन्मदिन खास होता है पर यह खुशी उस दिन नहीं मनाई जाती है जिस दिन बच्चा पैदा होते हैं। और बच्चों के जन्मदिन समारोह उनकी आनंद के लिए भी मनाया जाता है। जन्मदिन का पहला उल्लेख `प्राचीन मिस्त्र' से आया है जहां फिरौन के लिए बड़े समारोह आयोजित किए जाते थे जब मिस्त्र के फिरौन को देवताओं का ताज पहनाया गया तो उनका जन्म हुआ इसका मतलब यह है कि पहले जन्म समारोह किसी इंसान का नहीं बल्कि एक भगवान के जन्म का प्रतीक था।

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A
Answered on Oct 18, 2023

जन्मदिन पैदा होने की खुशी में मनाया जाता है।उदाहरण के तौर पर आप अपने बच्चों के पैदा होने की खुशी में जन्मदिन मनाते हैं।जन्मदिन को सालगिरह भी बोला जाता है।जन्मदिन की परंपरा देवी देवताओं के समय से ही शुरू हुई थी।जन्मदिन मनाने की प्रथम बहुत ही पुरानी है।आज भी लोग देवी देवताओं का जन्मदिन त्यौहार के रूप में मनाते हैं.जैसे रामनवमी कृष्ण जन्माष्टमीआदि।

जन्मदिन हम इसलिए मानते हैं कि हमारा जन्मदिन हमें हर साल है याद दिलाता है कि हमारा 1 साल बीत चुका है और यह है हमारा नया साल आ चुका है। नए साल में अपने कर्तव्य और लक्ष्य को याद दिलाना जन्मदिन का महत्व है।

यह भी जरूरी नहीं है कि आप जन्मदिन मनाओ अगर आपके पास पैसा एक्स्ट्रा है तो आप जन्मदिन मना सकते हैं। नहीं तो कोई जरूरी भी नहीं होता। लेकिन आजकल का फैशन ही हो गया है जन्मदिन मनाना। आजकल तो बच्चे बूढ़े सभी अपना जन्मदिन मनाते हैं।Article image

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A
Answered on Oct 26, 2023

पहले के समय में लोग अपना जन्मदिन नहीं मनाया करते थे, लेकिन आज वर्तमान समय में चाहे छोटे बच्चे हो या बड़े सभी अपना जन्मदिन मनाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जन्मदिन क्यों मनाया जाता है शायद आपको इसकी जानकारी नहीं होगी चलिए हम आपको बताते हैं कि जन्मदिन क्यों मनाया जाता है। जन्मदिन का पहला उल्लेख `प्राचीन मिस्त्र' से आया है जहां फिरौन के लिए बड़े समारोह आयोजित किए जाते थे जब मिस्त्र के फिरौन को देवताओं का ताज पहनाया गया तो उनका जन्म हुआ इसका मतलब यह है कि पहले जन्म समारोह किसी इंसान का नहीं बल्कि एक भगवान के जन्म का प्रतीक था। तब से हर व्यक्ति अपने बच्चों का जन्मदिन बनाकर अपनी खुशियों को व्यक्त करता है, और इस दिन को यादगार बनाए रखने के लिए जन्मदिन मनाते हैं, क्योंकि जन्मदिन वाला दिन वह दिन होता है जब बच्चा अपनी मां के गोद में रोता है और हंसता है।

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