एक होता है आत्म विश्वास और एक होता है अति आत्म विश्वास। आत्म विश्वास खुद पर पर होता है और शक्ति बड़ाता है। और अति आत्म विश्वास एक भ्रम है। अति आत्म विश्वास से घमंड की भावना प्रकट होती है। मै कर लूंगा यह विश्वास है और मै इसे कर ही लूंगा यह अति आत्म विश्वास है। जो सही नही है। अति आत्म विश्वास मे व्यक्ति को अपनी गलती नही दिखाई देती है। वह अपनी क्षमताओ और अति विश्वास करता है। .jpeg&w=640&q=75)
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Answered By komal Solanki
AuthorAnswered on10/30/21
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