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Updated on Jun 5, 2026others

Guru Purnima क्यों मनाई जाती हैं, और इसका क्या महत्व हैं ?

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Updated on Jun 5, 2026

Guru Purnima गुरुजनों और teachers के सम्मान में मनाई जाती है। भारतीय संस्कृति में गुरु को ज्ञान, मार्गदर्शन और spiritual growth का महत्वपूर्ण स्रोत माना गया है। इस दिन लोग अपने teachers, mentors और spiritual guides के प्रति gratitude व्यक्त करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह महर्षि वेदव्यास से भी जुड़ी मानी जाती है, जिन्होंने महाभारत और कई धार्मिक ग्रंथों की रचना की थी। Students और disciples इस दिन पूजा, ध्यान और सम्मान कार्यक्रम आयोजित करते हैं। Guru Purnima केवल धार्मिक उत्सव नहीं बल्कि learning, wisdom और guidance की importance को समझने का अवसर भी माना जाता है। भारतीय tradition में गुरु-शिष्य संबंध को अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

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Media Trends Researcher
Updated on Jun 1, 2026

इस वर्ष Guru Purnima 27 जुलाई 2018 के दिन है, और इस दिन चंद्रग्रहण लगने वाला है | ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह एक विशेष दिन होगा | आपके प्रश्न के उत्तर में मैं आपको इसके महत्व , तथ्यों व प्रासंगिकता के विषय में बताऊँगी |

Guru Purnima क्यों मनाया जाता है ?

Guru Purnima भारतीय ,जैन व बौद्ध संस्कृति का एक अहम दिन है | इस दिन को ज्ञान प्राप्ति के लिए सर्वोत्तम समझा जाता है | गुरु पूर्णिमा आषाढ़ मास में मनाया जाता है | वर्षा ऋतू के आरम्भ से पूर्व गुरु पूर्णिमा मनाई जाती है | शास्त्रों के अनुसार गर्मिया और वर्षा के मध्य में जो दिन आते हैं जिनमे न ज्यादा गर्मी होती है न ज्यादा ठंडी , ज्ञान प्राप्ति के लिए उचित समय है | जैन व बौद्ध अनुयायियों द्वारा इस दिन मण्डली बैठे जाती थी जहाँ वह सब लोगो को ज्ञान प्राप्ति के मार्ग प्रशस्त कराते थे |

Guru Purnima का महत्त्व

Guru Purnima की प्रासंगिकता क्या है इसका जवाब साफ़ है की गुरु पूर्णिमा का महत्त्व व अर्थ समय के साथ बदल चुका है | गुरु पूर्णिमा मनाने का केवल एक कारण था - ज्ञान की प्राप्ति |

आज के समय में यदि देखा जाए तो उपवास रखने व मंदिर जाकर पूजा करने के अलावा लोग कुछ नहीं करते |Guru Purnima का स्वरुप बदल चुका है अब यह केवल कैलेंडर देखकर याद रखने वाला दिन बन चुका है | वर्तमान समय में विशेष महत्व रखने वाले दिन त्योहारों या सरकारी छुट्टियों में तब्दील हो चुके है , हिन्दू का अर्थ हिन्दू , मुसलमान ,सिख ईसाई बन चुका है तथा श्रद्धा , व्रत व पूजाओ में बदल चुकी है |Guru Purnima के दिन जहाँ प्राचीन समय में गुरु की पूर्णिमा का विधान है अर्थात गुरु को सम्मान देने व उनकी शिक्षा के लिए उन्हें धन्यवाद देने Guru Purnimaके दिन जहाँ प्राचीन समय में गुरु की पूर्णिमा का विधान है अर्थात गुरु को सम्मान देने व उनकी शिक्षा के लिए उन्हें धन्यवाद देनेका दिन | लोग अपने गुरु को इनकी शिक्षाओं के लिए धन्यवाद देते थे उनसे शिक्षा प्राप्त करते थे परन्तु आजकल ऐसा कुछ नहीं होता क्योंकि विद्यार्थिओं को तो इस दिन का ज्ञान ही नहीं है |
 
इस Guru Purnima के दिन होने वाले चंद्रग्रहण की एक खास बात यह भी है की यह लाल रक्त चंद्र ग्रहण होगा |
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