कैसे? महान कवि बनने के चक्कर में अपने ही बनाए हुए चक्रव्यूह में फंसे मोदी - letsdiskuss
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pravesh chuahan,BA journalism & mass comm | पोस्ट किया |


कैसे? महान कवि बनने के चक्कर में अपने ही बनाए हुए चक्रव्यूह में फंसे मोदी


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pravesh chuahan,BA journalism & mass comm | पोस्ट किया


मोदी को  आप  कलाबाज नेता के रूप में भी देख सकते हैं.सभी विपक्षी नेताओं को यह शिकायत हमेशा होती थी कि आखिर क्यों मोदी जी एक बार भी इंटरव्यू नहीं देते. चलिए यह ख्वाहिश तो विपक्षियों की पूरी हो गई लेकिन अब जब  मोदी ने इंटरव्यू दे ही दिया है तो इंटरव्यू देने के चक्कर में अपने ही चक्रव्यूह में खुद फंस गए|

कैसे फंसे अपने बनाए हुए चक्रव्यूह में

जब पत्रकार ने मोदी से पूछा कि क्या कवि नरेंद्र मोदी ने 5 साल में एक भी कविता लिखी है|तो खुश किस्मत से नरेंद्र मोदी ने इंटरव्यू देने से पहले ही एक कविता लिख रखी थी| संजोग देखिए 5 साल में एक भी कविता नहीं लिखी और इंटरव्यू से पहले रास्ते में अपनी हैंडराइटिंग से कविता लिख रखी है. और मोदी ने कहा कि मेरी राइटिंग  टेढ़ी-मेढ़ी है|


एक्टिंग तो अच्छी की थी मगर कैमरा मैंन ने सारा खेल बिगाड़ दिया

मोदी अपने कविता की बात पर तब फंसते हुए नजर आए जब  कैमरा मैन ने कैमरा कविता वाले पर्चे पर घुमाया तो वह परचा टाइपिंग करके लिखा हुआ और प्रिंट आउट पेज था (लगता है कि मोदी जी साथ में  टाइपिस्ट लेकर भी चलते हैं) खुद से लिखी हुई  राइटिंग बिल्कुल भी नहीं थी. और उस पर्चे पर पत्रकार का सवाल ओर कविता दोनों लिखी हुई थी| इंटरव्यू में मोदी ने खुद बोला था कि उन्होंने कविता अपनी हैंडराइटिंग से लिखी हैं|

ऐसा माना जा रहा है कि जो कविता लिखी गई थी वह कविता भी उस पत्रकार ने पहले ही टाइप करके उसका प्रिंट आउट निकलवाया हुआ था और यह पहले से ही तैयार था कि कविता वाली बात आप से पूछी जाएगी और बाद में आपको सिर्फ एक्टिंग करना है जैसा कि आप सभी जानते हैं एक्टिंग में तो हमारे प्रधानमंत्री माहिर है ही| और वह कविता वाला पर्चा मंगवाने की एक्टिंग करते हैं|








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