यह सारी दुनिया जानती है की हाल में पाकिस्तान और चीन का याराना कितना मजबूत है। चीन एक ऐसा मुल्क है जिसका रिश्ता अपने किसी भी पड़ोसी मुल्क से अच्छा नहीं है। उधर पाकिस्तान का भी हाल कुछ ऐसा ही है जो अंदरूनी ताकत और बाहरी दबाव के सामने जूज रहा है।
चीन को पाकिस्तान की जरुरत है और इसी के चलते वो ग्लोबल टेररिज्म जैसे बड़े मसले को भी अपने निजी फायदे के लिए नजरअंदाज कर रहा है। इस का सबसे बड़ा प्रमाण है चीन का मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट न मानना।चीन का ऐसा करना उसकी पाकिस्तान को अपनी दोस्ती का सबूत है जिसे वो अपने फायदे के लिए करना दिखाना जरूरी है।
सौजन्य: इन खबर
टेररिज्म एक ऐसी समस्या है जिसका कभी भी किसी भी मुल्क को सामना करना पड़ सकता है। चीन का यह रवैया हो सकता है की उसे भी बड़ी मुश्किल में डाले। अभी शायद चीन के सत्ताधीशो को यह बात अच्छी लग रही है और इसी के चलते पाकिस्तान भी मुस्कुरा रहा है पर आनेवाले दिनों में इन दोनों मुल्क को इस बेबुनियादी कदम की बहुत बड़ी किम्मत चुकानी पड़ सकती है क्यूंकी न सिर्फ भारत पर अब और देश भी मसूद अजहर को टेररिस्ट मानते है और दुनिया को उस से मुक्ति दिलाना चाहते है। देखना सिर्फ यही है की चीन का वीटो पावर कब तक पाकिस्तान को मसूद के मामले में बचाता है और बाकी के देश कब तक सब्र करते है।

