शादी कराने के लिए कुंडली का मिलाप करवाना जरुरी क्यों होता है ?
शादी करना सामाज का एक ऐसा नियम है, जिसका देर-सवेर पालन करना ही पड़ता है | मैं ऐसा नहीं कहती कि शादी करना जरुरी है, बहुत से लोग हैं, इस दुनिया में जो शादी न कर के भी अपना जीवन ख़ुशी से बिता रहे हैं | हमारे हिन्दू धर्म में शादी करने के लिए सबसे पहले कुंडली मिलान जरुरी माना गया है | कहा जाता है, कि लड़का और लकड़ी के 36 में से अगर 18 से ऊपर गुण मिल गए तो दोनों की शादी की जा सकती है, और अगर 30 या 32 गुण मिल जाते हैं,तो उनका जीवन सुखमय व्यतीत होता है, और लड़का और लड़की लंबी उम्र तक एक दूसरे के जीवन साथी बनकर रहते हैं |

वैसे तो कहा जाता है कि शादी कराने के लिए कुंडली का मिलाप इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे पता चलता है कि लड़के और लड़की के कितने गुण मिलते हैं और वह भविष्य में अच्छे पति और पत्नी बन सकते हैं या नहीं | मुझे लगता है कि यह कुण्डली मिलाना किसी भी तरह से जरूरी नहीं है | मै ऐसा कहना इसलिए नहीं कि मै किसी भी तरह से भारतीय संस्कृति के खिलाफ हूँ, बल्कि मेरे मन में अपनी भारतीय संस्कृति और सभ्यता के प्रति बहुत सम्मान है, लेकिन यह कुंडली मिलाप पूर्ण रूप से अनिवार्य होता है और मेरी नज़र में ढोंग व अन्धविश्वास है |
मैंने ऐसे बहुत से रिश्ते देखें हैं जहाँ शादी से पूर्व कुंडली मिलाप में लड़के और लड़की के 36 में से 32 गुण मेल खाते थे, सभी को पूरा विशवास था कि यह जोड़ी तो सालों साल टिकेगी | शादी को एक वर्ष भी नहीं हुआ कि पति पत्नी के आपसी रिश्ते बिगड़ गए, दोनों सुबह से शाम तक लड़ने के अलावा और कुछ भी नहीं करते | यह तो केवल एक उदाहरण है, ऐसे तोहजारों लाखों उदाहरण है जहाँ कुंडली कुछ अलग बताती है और उनके आपसिओ रिश्ते कुछ अलग |
विश्व भर में बहुत से देश हैं जहाँ शादी से पहले कुंडली मिलाप जैसी कोई रस्म नहीं होती फिर भी लोगो के रिश्ते बिना टूटे सालों साल प्रेम से बंधे रहते हैं | कुंडली का मिलाप करना और उसके आधार पर रिश्ते जोड़ना किसी भी तरह से ठीक नहीं है, इससे बेहतर यदि लोग लड़के लड़की के आपसी सम्बन्धो, पसंद न पसंद पर कुंडली से ज्यादा भरोसा करें, तो रिश्ते जरूर सालों साल ख़ुशी से बीतेंगे |

मैं नहीं मानती की शादी करने के लिए कुंडली को मिलाना पड़ता है | कुंडली मिलाने के बाद भी मैंने कई ऐसे केस देखे हैं जो अपने जीवन में खुश नहीं है और दूसरी तरफ ऐसे केस भी है, जो बिना कुंडली मिलाएं खुश हैं | इसलिए ऐसा कहना की बिना कुंडली मिलाएं शादी नहीं करना चाहिए ये सही नहीं है |
शादी कुंडली मिलकर करवा दी पर परन्तु लड़का और लड़की एक दूसरे को पसंद नहीं आये फिर क्या किया जाए | तब तो साथ रहना मुश्किल है | इसलिए कुंडली मिलाने की जगह आप उस इंसान के साथ शादी कर लें जो आपको समझे तो शायद आपकी ज़िंदगी आसान होगी |






