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Sweety Sharma· 7 years ago
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पंचक में कौन से काम नहीं करना चाहिए?

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पंचक मे चारपाई बनवाना अशुभ माना जाता है, ऐसा करने से आपके जीवन मे संकट आते है।

पंचक लगने पर घर की छत नहीं बनवानी नहीं चाहिए, यदि आप ऐसा करते है तो आपके घर मे धन की हानि होंगी और आपके घर मे हमेशा क्लेश होते रहेगे।


पंचक के समय हमें विवाह की बाते नहीं करना चाहिए, आप ऐसा करते है तो शादीशुदा जीवन मे हमेशा दुःख ही रहेगा आपको कभी सुख नहीं मिलेगा।Article image


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S
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Mp

Answered on05/17/23
5

अक्सर जब भी हमारे हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को किया जाता है तो सबसे पहले नक्षत्र, ग्रह और पंचक को देखकर ही किसी शुभ कार्य को किया जाता है । क्योंकि इसे ज्योतिष शास्त्र में अशुभ माना जाता है आज हम आपको बताएंगे कि पंचक में कौन-कौन से कार्य नहीं करनी चाहिए।

पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिए क्योंकि इस दिशा को यम की दिशा मानी जाती है पंचक में चारपाई नहीं बनवाना चाहिए क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है, यदि पंचक में किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है तो उसके सबको नहीं जलाना चाहिए।Article image

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Krishna Patel
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Answered on11/15/22
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हिन्दू धर्म में कोई भी काम की शुरवात करने से पहले हमेशा शुभ महूर्त देखा जाता है | बिना शुभ महूर्त के काम करना अशुभ माना जाता है | ऐसा ही एक अशुभ दिन पंचकों का कहलाता है | कहा जाता है पंचक में कोई भी काम शुरू नहीं करना चहिये | हिन्दू धर्म में तो यहां तक कहा जाता है, कि किसी इंसान की मृत्यु हो जाए तो कहा जाता है, कि पंचक में किसी की मृत्यु 5 लोगों को लेकर जाएगी | इसलिए उसका पूजन किया जाता है |

पंचक के प्रकार :- 
जैसा कि पंचक नाम से ही यह पता चलता है, कि यह 5 प्रकार का होगा | आइये आपको बताते हैं, पंचक के प्रकारों के बारें में |
 
- राज पंचक :- 
जो पंचक सोमवार के दिन से शुरू होता है उसको राज पंचक कहा जाता है |
 
- रोग पंचक :-
रविवार से शुरू होने वाले पंचक को रोग पंचक कहते है |
 
- अग्नि पंचक :-
मंगलवार को शुरू होने वाले पंचक को अग्नि पंचक कहते है | (मशीनिरी और आग से जलने वाली वस्तु न खरीदें )
 
- मृत्यु पंचक :-
शनिवार को शुरू होने वाले पंचक को मृत्यु पंचक कहते है |
 
 
- चोर पंचक :-
शुक्रवार को शुरू होने वाले पंचक को चोर पंचक कहते है |
मृत्यु और चोर पंचक सबसे घातक होते हैं |
 
पंचक में ये काम न करें :- 
- पंचक के समय कभी पलंग या चारपाई नहीं बनवाएं यह बहुत ही अशुभ होता है | इससे आपकी ज़िंदगी में बड़ा संकट खड़ा हो सकता है |
 
- पंचक के दिनों में जिस समय में घनिष्ठा नक्षत्र हो उस उस समय लकड़ी,घांस और ऐसी कोई भी वस्तु न लें जिससे आग लगने ला डर हो | अग्नि पंचक में आग लगने का डर बहुत होता है |
 
- पंचक के समय कभी भी दक्षिण दिशा की तरफ यात्रा न करें | अगर आप कही घूमने जा रहे हैं, तो पंचक के दिनों में दक्षिण दिशा में न जाएं | दक्षिण दिशा को यम की दिशा मानी गई है।
 
- पंचक के समय रेवती नक्षत्र चल रहा हो तो उस दिन घर की छत्त नहीं डलवाना चाहिए |
 
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K
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हिंदी लेखक

Updated on03/17/26
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दोस्तों आप सभी को पता है कि पंचक हर माह लगते हैं और आप यह भी जानते हैं कि कोई भी शुभ काम करने से पहले मुहूर्त कितना जरूरी होता है यदि शुभ काम को मुहूर्त में ना किया जाए तो वह कभी सफल नहीं होता है। शुभ कार्यों के लिए पंचक को अशुभ माना जाता है तो आज पोस्ट में हम आपको बताएंगे कि पंचक में कौन से काम नहीं करना चाहिए। तो पंचक में कभी भी चारपाई नहीं बनवाने चाहिए। जब पंचक में रेवती नक्षत्र आता है तब घर की छत में नहीं घूमना चाहिए।कहते है कि ऐसा करने से घर की सुख शांति खत्म हो जाता है और घर में पैसों की समस्या होती है।

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V
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Answered on08/03/23
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पंचक मे हमें चारपाई नहीं बनवाना चाहिए, यदि आप चारपाई बनवाते है तो अशुभ माना जाता है।पंचक मे चारपाई बनवाने से आपके जीवन मे संकट आते है।

पंचक लगने के समय दक्षिण दिशा में यात्रा नही करनी चाहिए क्योंकि दक्षिण दिशा, यम की दिशा मानी जाती है,इन नक्षत्रों में दक्षिण दिशा की ओर यात्रा नहीं करनी चाहिए, यदि फिर भी आप पंचक लगने के दौरान दक्षिण दिशा मे यात्रा करते है तो यात्रा के दौरान कोई भी घटना घट सकती है।Article image

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M
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Answered on08/02/23
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आपने ये तो जान लिए पंचक में क्या काम नहीं करना चाहिए, पर आज आपको हम बताते हैं, आप पंचक के इन पांच दिनों में कौन से शुभ काम कर सकते हैं | आप नक्षत्रों के आधार पर काम कर सकते हैं |
 
- धनिष्ठा और शतभिषा नक्षत्र दोनों चलित प्रकार के संज्ञक माने जाते हैं। पंचक के दौरान आप कोई भी चलित काम कर सकते हैं | पंचक के समय चलित काम शुभ होता है, जैसे यात्रा करना परन्तु आप दक्षिण दिशा की तरफ यात्रा न करें |
 
- उत्तराभाद्रपद नक्षत्र स्थिर प्रकार के संज्ञक नक्षत्र मने जाते हैं | इसमें वह काम करें जिन कामो में ठहराओ हो जैसे - बीज बोना, शांति पूजन और जमीन से जुड़े कोई भी स्थिर कार्यों में आपको सफलता मिलेगी |
 
- रेवती नक्षत्र मैत्री संज्ञक अर्थात मित्र प्रकार का नक्षत्र होने से इस नक्षत्र में आप किसी भी व्यापार से संबंधित काम, किसी भी प्रकार का विवाद दूर करना और गहने खरीदना आदि जैसे काम कर सकते हैं |
 
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Updated on03/17/26
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पंचक एक विशेष समय होता है, जिसे Panchak में अशुभ माना जाता है। यह पांच नक्षत्रों का समय होता है और इस दौरान कुछ कार्यों को करने से बचने की परंपरा है।

पंचक के समय कुछ कामों को टालना शुभ माना जाता है।

पंचक में न करने वाले काम:

घर की छत या निर्माण कार्य शुरू न करें: ऐसा माना जाता है कि इस समय शुरू किया गया निर्माण बाधाएं ला सकता है।

लकड़ी या ईंधन इकट्ठा न करें: पारंपरिक मान्यता के अनुसार यह अशुभ माना जाता है।

दक्षिण दिशा की यात्रा से बचें: इस दिशा में यात्रा को कुछ लोग अशुभ मानते हैं।

चारपाई या बिस्तर न बनाएं: मान्यता है कि इससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

अंत्येष्टि में विशेष नियम: यदि किसी की मृत्यु हो जाए, तो पंचक में विशेष विधि से अंतिम संस्कार किया जाता है।

ये सभी बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं, इसलिए इन्हें आस्था के अनुसार माना जाता है।

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M
Madhav SharmaDecoding the ancient language of the stars — with six years of practice, study, and thousands of consultations behind every word.
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Madhav Sharma is a professional astrologer with over 6 years of practice in Vedic astrology. He holds a Jyotish Visharad certification from the Indian Council of Astrological Sciences (ICAS), New Delhi — one of India's most recognised credentials in the field — and has studied under senior practitioners with decades of lineage in classical Vedic traditions. His content covers Vedic astrology, birth chart analysis, planetary transits, kundli matching, horoscope predictions, and the practical application of astrological principles in daily life. His work has been published on platforms including AstroSage, GaneshaSpeaks, and Boldsky Astrology, where he writes for readers seeking guidance grounded in classical astrological texts and consistent interpretive practice. Over six years, Madhav has conducted 2,000+ individual consultations and published 200+ articles on astrology, covering everything from beginner guides to in-depth analyses of rare planetary combinations. He is a practising member of the Indian Astrology Federation and has been a featured voice at astrology conferences and spiritual wellness events across India. Across all his writing, his approach remains consistent — classical knowledge, disciplined interpretation, and content that respects both the tradition of Vedic astrology and the intelligence of the reader.

Answered on03/17/26
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