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Updated on May 9, 2026science-and-technology

यूआईडीएआई के प्रमुख को अंतरिम जीएसटीएन अध्यक्ष के रूप में क्यों नियुक्त किया गया ?

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Answered on Dec 30, 2017


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यूआईडीएआई के सीईओ बी.बी. पांडे को गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (जीएसटीएन) के अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं - आईटी रीढ़की हद तक प्रदान करने वाली कंपनी और जीएसटी शासन के तहत पंजीकरणऔर टैक्स रिटर्न के लिए पोर्टल। जीएसटीएन के पहले चेयरमैन नवीन कुमार ने 29 अगस्त को अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद पांडे को अतिरिक्त प्रभार दिए गए है। वित्तमंत्रालय के तहत राजस्व विभाग द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है, "भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बी पांडे को तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक अध्यक्ष, जीएसटीएन के पदका अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।" यूआईडीएआई ने भारत के सभी निवासियों को विशिष्ट पहचान संख्या (यूआईडी),आधार नामित किया है। जीएसटीएन सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) रीढ़की हड्डी और जीएसटी के अंतर्गत रीयल-टाइम कर दाता पंजीकरण, प्रवासनऔर कर रिटर्न दाखिल करने के लिए पोर्टल है। कुमार, बिहार के डर से पूर्वआईएएस की पेशकश जीएसटीएन के पहले अध्यक्ष थे। 17 मई, 2013 को तीन साल के लिए उन्हें जीएसटीएन के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था, जिसके पूरा होने पर उनका कार्य काल बढ़ा था, इस स्थिति में वह 65 साल की हो जाने तक कार्यालय में रहेगा। सरकार ने एक नए जीएसटी अध्यक्ष के लिए एक खोज समिति का गठन किया है जिसमें राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों का समावेश है

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Answered on May 9, 2026

UIDAI के प्रमुख को अंतरिम GSTN अध्यक्ष के रूप में नियुक्त करने का निर्णय प्रशासनिक और तकनीकी अनुभव के आधार पर लिया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य जीएसटी प्रणाली के डिजिटल ढांचे को मजबूत करना और उसके संचालन को अधिक प्रभावी बनाना था।

जीएसटीएन भारत में टैक्स सिस्टम का डिजिटल बैकबोन है, जो पूरे देश में GST से जुड़े डेटा, रिटर्न फाइलिंग और टैक्स प्रोसेसिंग को संभालता है। ऐसे सिस्टम के लिए मजबूत तकनीकी नेतृत्व और बड़े स्तर पर डेटा मैनेजमेंट का अनुभव जरूरी होता है। इसी कारण सरकार ने UIDAI प्रमुख को यह अतिरिक्त जिम्मेदारी दी।

UIDAI एक बहुत बड़ा डिजिटल संगठन है, जो आधार (Aadhaar) प्रणाली को मैनेज करता है। आधार डेटाबेस दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल पहचान सिस्टम में से एक है। इसे संभालने के लिए उच्च स्तर की साइबर सिक्योरिटी, डेटा प्राइवेसी और तकनीकी प्रबंधन की जरूरत होती है। UIDAI के प्रमुख को इसी अनुभव के कारण जीएसटीएन का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया।

सरकार का मानना था कि दोनों सिस्टम—आधार और जीएसटीएन—डिजिटल इंडिया मिशन के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। दोनों ही बड़े डेटा प्लेटफॉर्म हैं और इनका उद्देश्य देश में पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देना है। इसलिए एक ऐसे अधिकारी को जिम्मेदारी देना सही माना गया जो बड़े पैमाने पर तकनीकी परियोजनाओं को संभाल चुका हो।

GSTN को समय-समय पर तकनीकी सुधार और नई नीतियों के अनुसार अपडेट करने की जरूरत होती है। ऐसे में अनुभवी नेतृत्व से सिस्टम की कार्यक्षमता और सुरक्षा दोनों को बेहतर किया जा सकता है।

यह नियुक्ति आमतौर पर “अंतरिम” यानी अस्थायी होती है, जब तक कि स्थायी अध्यक्ष की नियुक्ति न हो जाए। इस दौरान मुख्य फोकस सिस्टम को स्थिर रखना और नई सुधार प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाना होता है।

अगर आसान भाषा में कहें तो UIDAI प्रमुख को GSTN का अंतरिम अध्यक्ष इसलिए बनाया गया क्योंकि उनके पास बड़े डिजिटल सिस्टम को संभालने का अनुभव है, और सरकार चाहती थी कि जीएसटी नेटवर्क को और मजबूत, सुरक्षित और प्रभावी बनाया जा सके।

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