भारत में प्रतिदिन छोटे-मोटे घोटाले होते हैं जो पता नहीं चलता है। सरकारी अस्पतालों में सरकारी शिक्षालय में और सरकारी संस्थानों में पैसे की लेनदेन में बढ़ा चढ़ा कर बजट दिखाया जाता है और घटिया सामान खरीद कर उसमें कमीशन खाया जाता है इस तरह के छोटे-मोटे घोटाले कभी पकडे नहीं जाती है। यही नहीं प्राइवेट संस्थानों में भी इस तरह के घोटाले होते हैं यह भी पकड़ में नहीं आते हैं। इस तरह के घोटाले करने वाले संस्थान के लोग भी होते हैं जो ऊंचे पदों पर बैठे होते हैं।
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