मुंशी प्रेमचंद ने हिंदी साहित्य में अपना बहुत बड़ा योगदान दिया है! इनको हिंदी साहित्य के उपन्यास का सम्राट माना जाता है! इन्होंने कई हिंदी कविता को लिखा है! मुंशी प्रेमचंद का जन्म उत्तर प्रदेश के एक गांव वाराणसी मे 31 जुलाई 1880 मैं हुआ था। इनकी काफी कविताएं हिंदी और उर्दू में लिखी गई हैं जिसमें गोदान सबसे बड़ा उपन्यास था! मुंशी प्रेमचंद जी ने अपने जीवन में कई कहानी कविताएं लिखी हैं जो बहुत ही लोगप्रिय रहे हैं,और आज भी हिंदी साहित्य में उन्हें याद किया जाता है!
मुंशी प्रेमचंद के बारे में आप क्या जानते है?
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Answered on12/07/21
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Updated on12/07/21
मुंशी प्रेमचंद जी को उपन्यास सम्राट कहा जाता है यह हिंदी कविता के रचयिता है तथा मुंशी प्रेमचंद जी का जन्म 31 जुलाई 1880 को भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के वाराणसी शहर में लमही नामक गांव में हुआ था। और इनके पिताजी का नाम आजायब राय था जो क़ी ये एक डाक मुंशी थे और इनकी माता का नाम आत्रदी देवी था। और मुंशी प्रेमचंद्र ने सन 1889 में मैट्रिक की परीक्षा पास किए थे और एक विद्यालय में एक स्थानीय विद्यालय में अध्यापक के पद पर नियुक्त किए गए थे.।
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Answered on05/30/21
- 31 जुलाई 1880 को लमही, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में जन्मे मुंशी प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपत राय श्रीवास्तव था। वे उपन्यासकार, कहानीकार व विचारक थे। उनकी रचनाएं हिंदी व उर्दू भाषाओं में थी। यदि उनकी प्रमुख कहानियों की बात करें तो दो बैलों की कथा, बड़े घर की बेटी ,गोदान, कफन सेवासदन आदि प्रसिद्ध है। उन्होंने अपने जीवन काल में 300 से ज्यादा कहानियां लिखी। प्रेमचंद्र ने अपने दौर में जमाना, सरस्वती, मर्यादा चांद आदि पत्रिकाएं लिखें। 8 अक्टूबर 1936 में 56 वर्ष की आयु में प्रेमचंद्र का निधन हो गया।
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