चलिए हम आपको बताते हैं कि सिगुर पाठर कहां स्थित है:-
दोस्तों सिगुर पाठर नाम सुनने में भले ही थोड़ा अजीब लगता है लेकिन यह घूमने के लिए एक बेहद ही खूबसूरत स्थान है. यहां की खूबसूरती आपके मन को मोह लेगी। दोस्तों मैं आपको बता दूं कि सिगुर पाठर दक्षिण भारत के तमिलनाडु की नीलगिरी पहाड़ियों में नीलगिरी जिले के उत्तर और पूर्व में एक पाठर है। यह पत्थर 778.8 वर्ग किलोमीटर हिस्से को कवर करता है।कहा जाता है कि यह पाठर नीलगिरि बायोस्फियर रिज़र्व सहित कई सारे संरक्षित क्षेत्रों को जोड़ने का काम करता है और बायोस्फियर रिज़र्व के यूनेस्को विश्व नेटवर्क का हिस्सा भी है।
चलिए जानते हैं कि सिगुर पाठर चर्चा में क्यों है :-
अभी-अभी एक अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि सिगुर पाठर मैं गिद्धों को उनके निवास स्थान के पास हानिकारक एनएसएआईडी की उपलब्धता के कारण विषाक्त की घटनाओं का खतरा है। इसके अलावा यह भी बताया जाता है कि सिगुर पाठर के कारण यहां के क्षेत्र में हाथियों की आबादी देश में सबसे अधिक देखने को मिल रही है।
दोस्तों मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि इरुलर समुदाय के आदिवासी लोग सिगुर पाठर मैं ही निवास करते हैं यह एक द्रविड़ जातीय समूह है जो तमिलनाडु,केरल और कर्नाटक राज्यों में फैले हुए हैं।
मैं आपको बता दूं कि केंद्र फॉर वाइल्डलाइफ स्टडीज द्वारा सन 2018 और 2021 के बीच अध्ययन किया गया था इसमें लैंड आना कैमरा और युपेटोरियम जैसी आक्रामक पौधों की प्रजातियों के कारण गिद्धों के लिए विस्तृत क्षेत्र की घटना उपलब्धता पर प्रकाश डाला गया।
मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि सिगुर पाठार उत्तर पश्चिम में बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान, और पूर्व में सत्य मंगलम वन्य जीव अभ्यारण और पश्चिम में वायानाड वन्य जीव अभ्यारण से घिरा हुआ है। इस प्रकार मैंने आपको यहां पर सिगुर पाठार के बारे में पूरी जानकारी दे दी है।
