आपने अक्सर टीवी पर 'मास्टरशेफ' शो देखा होगा, जिससे यह नाम बहुत मशहूर हो गया है। लेकिन अगर हम असल प्रोफेशनल दुनिया की बात करें, तो एक मास्टर शेफ (जिन्हें अक्सर 'एग्जीक्यूटिव शेफ' या 'हेड शेफ' भी कहा जाता है) किसी भी बड़े रेस्टोरेंट या फाइव-स्टार होटल के किचन का कप्तान या सबसे बड़ा बॉस होता है।
यह कोई ऐसा व्यक्ति नहीं होता जो बस दिन भर गैस के सामने खड़े होकर खाना पकाता हो। इनका काम इससे कहीं ज्यादा बड़ा और जिम्मेदारी वाला होता है।
चलिए मैं आपको बताता हूँ कि एक मास्टर शेफ असल में क्या-क्या काम करते हैं:
- किचन का मैनेजमेंट: मास्टर शेफ पूरे किचन की कमान संभालते हैं। किचन में काम करने वाले बाकी सभी शेफ (सू-शेफ, लाइन कुक आदि) उनके अंडर काम करते हैं। कौन सा शेफ क्या काम करेगा, यह वही तय करते हैं।
- मेनू डिजाइन करना: आप किसी रेस्टोरेंट में जाकर जो शानदार मेनू कार्ड देखते हैं, वो मास्टर शेफ के दिमाग की ही उपज होता है। कौन सी नई डिश मेनू में शामिल करनी है, किस डिश में क्या नया प्रयोग करना है और लोगों का स्वाद कैसा बदल रहा है, इसके हिसाब से वे खाने की लिस्ट तैयार करते हैं।
- क्वालिटी कंट्रोल (स्वाद और सजावट): किचन से बाहर कस्टमर के टेबल तक जाने वाली हर प्लेट मास्टर शेफ की नज़रों से होकर गुज़रती है। खाने का स्वाद एकदम परफेक्ट होना चाहिए और उसकी सजावट (Presentation) ऐसी होनी चाहिए कि देखकर ही भूख लग जाए।
- बजट और इन्वेंट्री: किचन में कितना राशन आएगा, कौन सी सब्जियां या मसाले खत्म हो रहे हैं, और खाने की बर्बादी को कैसे कम करना है, यह सब हिसाब-किताब भी एक मास्टर शेफ को ही देखना होता है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होता है कि रेस्टोरेंट को फायदा हो।
- ट्रेनिंग देना: अपने जूनियर शेफ और किचन स्टाफ को नई तकनीकें सिखाना और उन्हें बेहतर बनने के लिए ट्रेनिंग देना भी मास्टर शेफ का ही काम है।
- साफ-सफाई और सुरक्षा: किचन में हाइजीन (साफ-सफाई) के सभी नियमों का कड़ाई से पालन हो रहा है या नहीं, यह जिम्मेदारी भी उन्हीं की होती है।





