भारत जैसे लोकतंत्र और बड़े देश में फ्री एंड फेयर जर्नलिज्म प्रैक्टिस का बड़ा ही महत्व है की जिससे प्रजा को हररोज सच जानने को मिले। वैसे देखा जाये तो देश में न्यूज़ चैनल की कोई कमी नहीं है पर सबसे बड़ा सवाल यहां पर यह है की क्या ये सारे न्यूज़ चैनल ईमानदार है और जो खबर दे रहे है वो निष्पक्ष हो कर दे रहे है। इस सवाल के जवाब के लिए काफी सारी चीजों को समजना पडेगा। सबसे बड़ी बात यह चैनल सच दिखाते है और अगर दिखाते है तो क्या पूरा सच दिखाते है या किसी भी हादसे की एक ही बाजू को दिखाया जाता है?
कई बार यह देखा गया है की एक ही घटना को एक चैनल पर अलग तरीके से और दूसरे चैनल पर अलग तरीके से दिखाया जाता है। छोटी मोटी खबरें तो फिर भी ठीक है पर आतंकवाद और दंगे जैसी खबरों पर भी यह लोग वो हर मुमकिन कोशिश करते है की जिससे वो खबर सनसनी बन जाए और उनका टीआरपी बढे। बार बार बीच में एड का आना इस का सबसे बड़ा मापदंड कहा जा सकता है क्यूंकि इन चैनलों की आय ऐसे विज्ञापनों से ही होती है। कई बार एक ही क्लिप को चलाना, एक ही न्यूज़ को काफी देर तक चलाना और मुख्य मुद्दों पर किनारा कर लेना इन चैनलों की आदत है। मेरी राय में हमारे देश में न्यूज़ चैनल का चलाना भी एक बिजनेस ही है और वहां पर ईमानदारी की उम्मीद नहीं की जा सकती। इस लिए कोई भी चैनल ऐसा नहीं है जिसे ईमानदार कहकर भरोसा किया जा सके।