अक्सर देखा गया है कि पुलिस के वकीलों से 36 का आंकड़ा होता है। पुलिस की छवि गलत तरीके से प्रस्तुत की जाती है और उसका प्रभाव हमारे समाज में भी पड़ रहा है। हर प्रोफेशन में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग होते हैं। एक अच्छा पुलिस अफसर यह नहीं देखता कि कौन क्या है? बल्कि उसकी गलतियों के आधार पर ही मुकदमा दर्ज करता है। कोर्ट में उन गलतियों को सिद्ध करना होता है। ऐसे में कोई भी पुलिसकर्मी किसी वकील पर झूठे मुकदमे इसलिए नहीं डालता क्योंकि वह कानून का जानकार होता है। ऐसा हम लोगों ने फिल्मों में देखा है। पर सच्चाई यह है कि कोई भी किसी को झूठे मुकदमे में नहीं फंसा सकता है क्योंकि इसके आगे कोर्ट भी होता है वहां पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता है। इसलिए बुरे पुलिस वाले वकील से उचित दूरी बनाकर रखते हैं।




