अक्सर देखा गया है कि पुलिस के वकीलों से 36 का आंकड़ा होता है। पुलिस की छवि गलत तरीके से प्रस्तुत की जाती है और उसका प्रभाव हमारे समाज में भी पड़ रहा है। हर प्रोफेशन में अच्छे और बुरे दोनों तरह के लोग होते हैं। एक अच्छा पुलिस अफसर यह नहीं देखता कि कौन क्या है? बल्कि उसकी गलतियों के आधार पर ही मुकदमा दर्ज करता है। कोर्ट में उन गलतियों को सिद्ध करना होता है। ऐसे में कोई भी पुलिसकर्मी किसी वकील पर झूठे मुकदमे इसलिए नहीं डालता क्योंकि वह कानून का जानकार होता है। ऐसा हम लोगों ने फिल्मों में देखा है। पर सच्चाई यह है कि कोई भी किसी को झूठे मुकदमे में नहीं फंसा सकता है क्योंकि इसके आगे कोर्ट भी होता है वहां पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाता है। इसलिए बुरे पुलिस वाले वकील से उचित दूरी बनाकर रखते हैं।
भारतीय पुलिस वकीलों से क्यों डरती है?
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क्या आप जानते हैं कि आखिर भारतीय पुलिस वकीलों से क्यों डरती है। यदि नहीं जानते हैं तो चलिए मैं आपको बताती हूं कि इसके पीछे का कारण यह है कि वकीलों को कानून की अच्छे से जानकारी होती है। पुलिस के द्वारा जो कार्यवाही की जाती है वकील उनसे अच्छे से परिचित होते हैं। इसलिए पुलिस को इतना आसान नहीं होता है कि वह वकीलों के खिलाफ आम जनता की तरह कार्यवाही कर सकें। क्योंकि पुलिस आम जनता पर झूठी कारवाही करके उनसे रिश्वत लेने के लिए आतुर रहते हैं। लेकिन यह रोप वकीलों पर आजमाना पुलिस वालों पर भारी पड़ सकता है।
भारतीय पुलिस वकीलों से डरती नहीं है बल्कि वह वकीलों से उलझना नहीं चाहती है, क्योंकि वकील को कायदे क़ानून की जानकारी अच्छे से होती है,पुलिस द्वारा मुजरिमो के खिलाफ कार्यवाही की जाती है, उन सभी कानूनों के बारे मे वकील अच्छे से जानते है,इसलिए कोई भी पुलिस वाला वकीलों के खिलाफ कोई गलत कार्यवाही नहीं कर सकता है। जैसा कि आम जनता के खिलाफ पुलिस वाले रिश्वत के लिए झूठी कार्यवाही करने के लिए तैयार रहते है।



