इस कहानी को कौन नहीं जानता | हम सभी ने अपने बचपन में इस कहानी को पढ़ा होगा या इसपर बनी फिल्म देखी होगी | कितनी मनमोहक कहानी है, एक खूबसूरत लड़की और एक राक्षस किस तरह अपनी खुद की प्रेम कहानी लिखते है | यह कहानी रंग रूप और सुन्दर कुरूप के भेद को हटाकर प्रेम के महत्त्व से हमे अवगत कराती है | परन्तु क्या आपको पता है इस कहानी को लिखने के पीछे मनोरंजन के अलावा भी एक वजह थी |
फ्रांसीसी उपन्यासकार Gabrielle-Suzanne de Villeneuve ने Beauty and the Beast की कहानी लिखी | यह कहानी समाज में arrange marriage को बढ़ावा देने के लिए लिखी गयी थी | इस कहानी को लिखने का मकसद ही यह था कि लड़कियां यह समझ सकें कि उनकी शादी किसी से भी कराई जाए उन्हें उसे अपनाना होगा चाहे वह व्यक्ति कुरूप ही क्यों न हो | लड़कियों को यह सिखाया गया कि वह Beauty and the Beast से यह सीख लें कि आपका पति चाहे जैसा भी हो यदि आप उसके साथ रहोगे, उसे समझोगे, तो आपको उससे प्यार हो ही जायगा, ठीक उसी तरह जिस तरह Belle को Beast से हुआ था |
Beauty and the Beast की खासियत यह भी है कि यह कोई काल्पनिक कथा नहीं है , यह एक असली कहानी है | यह कहानी एक लड़के, जिसका नाम Petrus Gonsalvus था, पर लिखी गयी | उसके शरीर पर बालो की एक मोटी परत बन गयी थी जिसके कारण लोग उसे राक्षस समझते थे | Gonsalvus को किसी तरह का श्राप नहीं मिला था और न ही वह राक्षस था, बल्कि वह एक बीमारी से पीड़ित था जिसके कारण उसके शरीर पर बालो कि परत बन गयी थी | Gonsalvus कोई राजकुमार या राजा नहीं था परन्तु उसके राज परिवार से सम्बन्ध जरूर थे | पहले राजकुमार Henri II और उनकी मृत्यु के बाद उनकी पत्नी Catherine ने Gonsalvus की शादी का ज़िम्मा उठाया और उसकी पहचान छुपा कर उसकी शादी Catherine नाम की ही एक लड़की से करा दी | Catherine पहले तो यह स्वीकार नहीं कर पायी कि उसका पति ऐसा है जिससे वह सपने में भी शादी नहीं करती, परन्तु समयांतर के साथ उसने Gonsalvus को स्वीकार कर लिया |