आज हम जानेंगे कि सनातन धर्म के अनुसार क्या कोई हिन्दू व्यक्ति मुस्लिम से शादी कर सकता है या नहीं। सनातन धर्म की पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार विवाह आमतौर पर अपने ही धर्म और समाज के भीतर करने की परंपरा रही है। इसे धार्मिक और सांस्कृतिक नियमों का पालन करने का एक तरीका माना जाता था। हालांकि समय के साथ समाज में कई बदलाव आए हैं। आज के समय में भारत में अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच विवाह कानूनन संभव है। इसके लिए Special Marriage Act, 1954 जैसे कानून बनाए गए हैं, जिनके तहत दो अलग धर्मों के लोग भी कानूनी रूप से विवाह कर सकते हैं।
इसलिए धार्मिक मान्यताओं और व्यक्तिगत विश्वास अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कानूनी रूप से भारत में अंतरधार्मिक विवाह की अनुमति दी गई है।


